रायपुर: राजधानी के मेडिकल कॉलेज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित ‘चित्रांशोत्सव’ एवं विशाल शोभायात्रा के दौरान एक आध्यात्मिक और गौरवशाली पल का साक्षी पूरा समाज बना। प्राणी मात्र के कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले, न्याय और कलम के देवता भगवान श्रीचित्रगुप्त जी की महिमा को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से डॉ. सीमा श्रीवास्तव द्वारा रचित ‘श्रीचित्रगुप्त चालीसा’ का विधिवत विमोचन एवं लोकार्पण किया गया।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
इस पावन ग्रंथ का लोकार्पण मुख्य अतिथि माननीय श्री संजय श्रीवास्तव (अध्यक्ष, नागरिक आपूर्ति निगम) एवं समाज के अन्य गणमान्य नागरिक व प्रबुद्धजनों के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने डॉ. सीमा श्रीवास्तव के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर बताया।
समाज में हर्ष की लहर
धर्म ग्रंथ ‘चालीसा’ की रचना के माध्यम से भगवान चित्रगुप्त जी की आराधना को सरल और सुलभ बनाने के लिए डॉ. सीमा श्रीवास्तव को:
समस्त चित्रांश समाज के स्वजनों,
इष्ट-मित्रों,
एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों
ने हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
भक्ति और साहित्य का संगम
चित्रांशोत्सव के इस मंच से वक्ताओं ने कहा कि कलम के आराध्य देव की चालीसा लिखना न केवल साहित्यिक उपलब्धि है, बल्कि यह अटूट श्रद्धा का प्रतीक भी है। इस विमोचन ने आयोजन की भव्यता में चार चाँद लगा दिए और उपस्थित जनसमूह को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।
“कलम और स्याही के अधिष्ठाता देव की आराधना अब डॉ. सीमा श्रीवास्तव की लेखनी से रचित चालीसा के माध्यम से घर-घर गूँजेगी।”
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़








