बिलासपुर, 30 जुलाई 2026 । छत्तीसगढ़ की सबसे हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बिलासपुर केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कटघरे में है। यहां मंगलवार 29 जुलाई की रात डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास काट रहे एक बंदी ने गैसीफायर प्लांट की धधकती भट्ठी में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सबसे गंभीर बात यह है कि पिछले करीब 40 दिनों में केंद्रीय जेल में यह 5वीं मौत है। लगातार हो रही मौतों और जेल प्रशासन की चुप्पी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
#### कैसे हुई घटना
जेल सूत्रों के अनुसार रात करीब 10 बजे ड्यूटी के दौरान स्टाफ ने देखा कि गैसीफायर प्लांट की भट्ठी के अंदर एक शव पड़ा है। पहचान के बाद पता चला कि मृतक डबल मर्डर का दोषी बंदी था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, एफएसएल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी गई है।
#### 40 दिन में 5 मौत – आंकड़ा खौफनाक
लगातार हो रही मौतों ने जेल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 40 दिनों का रिकॉर्ड इस प्रकार है:
1. मर्डर: एक बंदी ने दूसरे बंदी की जेल के अंदर हत्या कर दी थी।
2. हार्ट अटैक: एक बुजुर्ग बंदी की हार्ट अटैक से मौत हुई।
3. हार्ट अटैक: एक अन्य बंदी की भी हार्ट अटैक से मौत हुई थी।
4. संदिग्ध मौत: एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई।
5. आत्महत्या: 29 जुलाई की रात डबल मर्डर के दोषी ने गैसीफायर प्लांट की भट्ठी में कूदकर जान दे दी।
#### सबसे बड़ा सवाल: बंदी भट्ठी तक पहुंचा कैसे?
हाई सिक्योरिटी जेल में गैसीफायर प्लांट जैसा संवेदनशील इलाका पूरी तरह प्रतिबंधित होता है। इसके बावजूद बंदी वहां तक कैसे पहुंचा?
– ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मी कहां थे?
– CCTV और गश्त व्यवस्था फेल कैसे हुई?
– क्या स्टाफ की लापरवाही है या कोई बड़ी चूक?
इन सवालों का जवाब अभी जांच के बाद ही आएगा।
#### जेल अधीक्षक ने मीडिया से किया किनारा
घटना के बाद जब मीडिया टीम जानकारी लेने जेल पहुंची तो *जेल अधीक्षक ने मीडिया को जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी*। टीम को मुख्य द्वार से ही वापस लौटा दिया गया। इतना ही नहीं, जेल अधीक्षक ने फोन पर भी बात करने से इनकार कर दिया। प्रशासन की इस चुप्पी से “मामले को दबाने” के आरोप और गहरे हो गए हैं।
#### आधिकारिक बयान
पुलिस और जेल प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।
फिलहाल यह घटना जेल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ा प्रश्नचिह्न छोड़ गई है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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ब्यूरो चीफ शंकर अघिजा
