डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
शहपुरा/डिंडौरी। बिलगड़ा बांध की मुख्य नहर के दोबारा क्षतिग्रस्त होने से बरखेड़ा ग्राम के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की मरम्मत कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई और गुणवत्ताहीन तरीके से काम किया गया, जिसके चलते पानी छोड़े जाने के बाद नहर फिर से टूट गई। इससे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, नहर टूटने की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग को कई बार की जा चुकी थी। शिकायत के बाद मरम्मत कार्य तो कराया गया, लेकिन कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप नहर पानी का दबाव नहीं झेल सकी और दोबारा क्षतिग्रस्त हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर के टूटने से खेतों तक समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे आगामी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। उनका आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा समस्या के स्थायी समाधान के बजाय केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
ग्रामीणों ने नहर निर्माण एवं मरम्मत कार्य की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नहर की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो मजबूर होकर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
अब क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि विभाग इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।







