डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
मेंहदवानी-कुसेरा मार्ग का मामला, ग्रामीणों ने तकनीकी जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की
डिंडौरी/मेंहदवानी। जिले के मेंहदवानी विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई गई करोड़ों रुपये की सड़क बारिश के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गई। मेंहदवानी से कुसेरा के बीच करीब 12 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। सड़क के कई हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और कई स्थानों पर सड़क का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़क के बारिश में इस तरह क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
निर्माण सामग्री और ड्रेनेज व्यवस्था की जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ होता तो बारिश के पानी के तेज बहाव से इतनी जल्दी सड़क क्षतिग्रस्त नहीं होती। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण का ठेका रीवा की शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन को मिला था। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद अब निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क की मोटाई, बेस निर्माण तथा पानी की निकासी के लिए बनाई गई पुलिया और क्रॉस ड्रेनेज व्यवस्था की जांच की मांग उठ रही है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक वजह
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क यदि तेज बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने लगे तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि सड़क के क्षतिग्रस्त होने की वास्तविक वजह निर्माण की गुणवत्ता में कमी है या अत्यधिक बारिश और पानी के तेज बहाव का दबाव, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराकर सड़क की गुणवत्ता और निर्माण में अपनाए गए तकनीकी मानकों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
