शहडोल मध्यप्रदेश
शहडोल। जिले में बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने न सिर्फ सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में कथित रूप से दुर्गा लाइट एंड टेंट हाउस के कर्मचारी हाई टेंशन ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला उस समय सामने आया जब भारतीय पैलेस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अचानक बिजली संबंधी समस्या उत्पन्न हो गई। आरोप है कि कार्यक्रम से जुड़े टेंट संचालक ने अधिकृत प्रक्रिया का पालन करने के बजाय खुद ही समस्या सुलझाने का प्रयास किया और अपने कर्मचारियों को ट्रांसफार्मर पर काम करने के लिए भेज दिया।
बिना सुरक्षा उपकरण, हाई टेंशन से खिलवाड़
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कर्मचारी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीधे हाई टेंशन ट्रांसफार्मर के संपर्क में आकर काम कर रहे हैं। यह न केवल उनकी जान के साथ खिलवाड़ है, बल्कि आसपास मौजूद लोगों के लिए भी बड़ा खतरा साबित हो सकता था। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है।
एमपीवी और जिम्मेदारों पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (एमपीवी) की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर बाहरी लोगों को ट्रांसफार्मर तक पहुंच कैसे मिली? क्या क्षेत्र में बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है?
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिजली जैसे अत्यंत जोखिम भरे कार्य में केवल अधिकृत और प्रशिक्षित कर्मचारियों को ही काम करने की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित टेंट संचालक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अब तक नहीं आया विभाग का बयान
हालांकि मामला तूल पकड़ता जा रहा है, लेकिन अब तक बिजली विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और लापरवाही बरतने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।
इनका कहना
आपके माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई है जांच कर कार्रवाई की जाएगी
रंजीत खैरवार जेई
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी शहडोल
अजय पाल
