*बड़ा वित्तीय फ्रॉड: GNS Financial Services कंपनी पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ितों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार*
शहडोल -जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी और धोखाधड़ी करने वाली एक कथित कंपनी ‘GNS Financial Services Pvt. Ltd.’ का मामला सामने आया है। बुढ़ार थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित इस कंपनी के खिलाफ दो अलग-अलग पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक (SP) और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है। पीड़ितों का आरोप है कि कंपनी ने पैसे दोगुने करने और भारी ब्याज देने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए और अब पैसे वापस मांगने पर अभद्रता व धोखाधड़ी की जा रही है।
*मामला 1:*
*30 लाख का निवेश डूबा, फर्जी ऐप दिखाकर की धोखाधड़ी*
गोपालपुर (करकटी रोड, जिला-शहडोल) के निवासी मृगनेन्द्र सिंह पिता मोहन सिंह ने 19 मई को पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपी है। पीड़ित ने बताया कि कंपनी के सेल्स एजेंट (विजय पाल जी एवं अमीन जी) उनके घर आए और झांसा दिया कि 30 लाख के निवेश पर उन्हें 30,000 प्रति माह ब्याज मिलेगा। साथ ही परिवार के एक सदस्य को 15,000 की सैलरी पर 65 वर्ष तक की नौकरी (जॉइनिंग लेटर और बिल्ला बैच के साथ) दी जाएगी। नौकरी के नाम पर 4 महीने की सैलरी रोक कर रखी गई और PF का पैसा भी आधा-अधूरा डाला गया। कंपनी ने ग्राहकों को ‘M Profit’ नामक एक एंड्रॉयड एप्लिकेशन डाउनलोड करवाया, जिसमें उनका निवेश दिखता था। पीड़ित का फंड 30 लाख से घटकर 24.99 लाख दिखने लगा। जब उन्होंने पैसे निकालने (Withdraw) की कोशिश की, तो कंपनी ने कहा कि सारा पैसा डूब चुका है। आरोप है कि कंपनी ने ग्राहक का जीमेल पासवर्ड अपने पास रखकर फर्जी तरीके से कंप्यूटर के एक ही IP एड्रेस से खुद को ही ‘Trade Confirmation’ मेल भेजकर मंजूरी ले ली और ग्राहक के डीमैट अकाउंट (Demat A/C GNSF 1560) में भारी ब्रोकरेज लगाकर नुकसान कर दिया। वर्तमान में 30 लाख में से रियल वैल्यू मात्र 3.5 लाख बची है।
*मामला 2:*
*10 लाख की ठगी, वापस मांगने पर मिली गालियां और धमकी*
धनपुरी (वार्ड नं. 1, जिला-शहडोल) के रहने वाले 38 वर्षीय संतोष वर्मा पिता गुलाब वर्मा ने 5 जून को थाना प्रभारी (बुढ़ार) को शिकायत दर्ज कराई है। संतोष वर्मा ने 23 फरवरी 2024 को ‘GNS Financial Services Pvt. Ltd.’ (जो कि बुढ़ार में बैंक ऑफ बड़ौदा के ऊपर, हनुमान प्रसाद खण्डेलवाल कॉम्प्लेक्स में स्थित है) में 10 लाख का निवेश चेक के माध्यम से किया था। कंपनी के एजेंटों (सुखनन्दन यादव, मुकेश यादव, विजय पाल, मोहम्मद अमीम) ने दावा किया था कि 10 लाख के निवेश पर 10,000 प्रति माह ब्याज मिलेगा और 5 वर्षों में यह राशि दोगुनी यानी 20 लाख हो जाएगी। जब पीड़ित को इलाज और निजी जरूरतों के लिए पैसों की आवश्यकता हुई और वे अपनी राशि वापस मांगने कंपनी के मालिक के पास गए, तो मालिक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और धक्के मारकर वहां से भगा दिया। मालिक ने पीड़ित को कोर्ट और थाने जाने की धमकी दी।
*दोनों मामलों में समान ‘पैटर्न’*
दोनों ही शिकायतों में एक बेहद चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है। कंपनी ग्राहकों से “80-20 Format” में पैसे लेती थी।
मृगनेन्द्र सिंह के मामले में 30 लाख में से 24 लाख ही डीमैट अकाउंट में डाले गए। संतोष वर्मा के मामले में भी 10 लाख में से 7 लाख (80% स्कीम में) और 3 लाख (20% स्कीम में) लिए गए। एजेंटों ने खुद सामने खड़े रहकर बैंक ऑफ बड़ौदा में चेक लगवाए थे।
दोनों ही पीड़ितों को ‘M Profit’ नामक ऐप के जरिए झांसा दिया जा रहा था, जो कि पीड़ितों के अनुसार पूरी तरह फर्जी है और कंपनी उसमें अपनी मर्जी से आंकड़े बदलती थी।
*पीड़ितों की मांग*
दोनों ही पीड़ितों ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होकर पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। संतोष वर्मा को इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है, वहीं मृगनेन्द्र सिंह ने कंपनी की गतिविधियों को पूरी तरह अवैध (Illegal) बताते हुए अपना मूलधन वापस दिलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। पुलिस अब इन दोनों मामलों को संज्ञान में लेकर जांच में जुट गई है।
*अजय पाल*






