डिंडौरी मध्यप्रदेश
प्राथमिक शाला पड़रिया डोंगरी का मामला; बच्चों के पास मिली विद्यालय की चाबी, करीब 10:40 बजे पहुंचीं अतिथि शिक्षिका
सवाल—स्कूल से शासकीय सामग्री चोरी या जरूरी दस्तावेज गायब हुए तो जिम्मेदार कौन?
बजाग। प्राथमिक शाला पड़रिया डोंगरी में शिक्षण व्यवस्था और विद्यालय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां बच्चे समय पर स्कूल तो पहुंच गए, लेकिन शिक्षक के नहीं पहुंचने पर उन्होंने खुद विद्यालय का ताला खोला और कॉपी-किताब लेकर कक्षा में बैठ गए। बच्चों के मुताबिक विद्यालय की चाबी उनके पास रहती है और वे स्कूल खोलकर शिक्षक के आने का इंतजार करते हैं। बताया गया कि करीब 10:40 बजे अतिथि शिक्षिका विद्यालय पहुंचीं।
मौके की तस्वीरों में बच्चे अपनी कॉपी-किताबों के साथ कक्षा में बैठे नजर आ रहे हैं। कक्षा में शिक्षक की मेज-कुर्सियां और विद्यालय की स्थिति भी दिखाई दे रही है। बच्चों का कहना है कि वे समय पर विद्यालय पहुंच जाते हैं, लेकिन शिक्षक के आने से पहले उन्हें ही ताला खोलकर अंदर बैठना पड़ता है।
करीब 10:40 बजे पहुंचीं अतिथि शिक्षिका
बताया गया कि अतिथि शिक्षिका करीब 10:40 बजे विद्यालय पहुंचीं। विद्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने देरी से आने के संबंध में अपना पक्ष भी रखा। हालांकि बच्चों के समय पर पहुंचने के बावजूद शिक्षक की अनुपस्थिति में विद्यालय खुलना और बच्चों का अकेले कक्षा में बैठना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
स्कूल की चाबी बच्चों के पास कैसे पहुंची?
मामले में बड़ा सवाल यह है कि विद्यालय की चाबी बच्चों के पास क्यों और किसके निर्देश पर रहती है? विद्यालय में शासकीय अभिलेख, महत्वपूर्ण दस्तावेज, शिक्षण सामग्री, फर्नीचर सहित अन्य सरकारी संपत्ति रहती है। शिक्षक अथवा किसी जिम्मेदार कर्मचारी की गैरमौजूदगी में यदि बच्चे विद्यालय खोलते हैं और इस दौरान कोई शासकीय सामग्री चोरी हो जाए, जरूरी दस्तावेज गुम हो जाएं या किसी सामान को नुकसान पहुंचे तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी?
बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
मामला केवल विद्यालय की संपत्ति और दस्तावेजों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। शिक्षक के पहुंचने से पहले बच्चों का विद्यालय खोलकर अकेले कक्षा में बैठना उनकी सुरक्षा से जुड़ा सवाल भी है। इस दौरान किसी बच्चे के साथ दुर्घटना या कोई अप्रिय घटना होती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी? ऐसे में विद्यालय खोलने-बंद करने और चाबी रखने की निर्धारित व्यवस्था की जांच जरूरी दिखाई देती है।
सूचना के बाद विद्यालय पहुंचे जन शिक्षक
मामले की जानकारी तत्काल बीआरसी बजाग बृजभान सिंह गौतम को दी गई। इसके बाद जन शिक्षक विनोद साहू मौके पर पहुंचे और विद्यालय की स्थिति का जायजा लिया।
अब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्धारित समय पर विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति क्यों नहीं थी, विद्यालय की चाबी बच्चों के पास किन परिस्थितियों में पहुंची और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है। अतिथि शिक्षिका, जन शिक्षक और बीआरसी का पक्ष भी मामले में सामने आया है। विभागीय जांच से ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
