प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पंडित युवराज पांडे ने दुर्ग में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को दिया समर्थन, पांच चरणों में चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
दुर्ग (छत्तीसगढ़)।
गो माता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान को समर्पित ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के अंतर्गत बुधवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित एक गौशाला में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में देशविख्यात कथावाचक आचार्य पंडित युवराज पांडे ने अभियान को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया और गौशाला
मे सभी गो माताऔ को महाराज श्री ने
एक विशाल भंडारा अपने हाथो से करवाया और छत्तीसगढ़ के साथ पूरे देश को मे आम जनमानस को गो समान आव्हान अभियान और गो माता और नंदी बाबा की सेवा करने के लिए संदेश भी दिया । यह बैठक नंदी बाबा एवं गौमाता के सान्निध्य में सम्पन्न हुई, जिसमें दुर्ग सहित आसपास की कई तहसीलों से बड़ी संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे। बैठक में अभियान की भावी रणनीति एवं राष्ट्रव्यापी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूर्णतः संवैधानिक, शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संचालित किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था का सहारा नहीं लिया जाएगा।
पांच चरणों में चलेगा अभियान
बैठक में जानकारी दी गई कि ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ को पांच चरणों में संचालित किया जाएगा—
प्रथम चरण (27 अप्रैल 2026): देशभर में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे।
द्वितीय चरण (27 जुलाई 2026): देश के 790 जिलों में एक साथ प्रार्थना पत्र दिए जाएंगे।
तृतीय चरण (27 अक्टूबर 2026): प्रत्येक राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश की राजधानियों में लाखों की संख्या में संवैधानिक तरीके से प्रार्थना पत्र सौंपे जाएंगे।
यदि तीन बार संवैधानिक रूप से मांग उठाने के बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो
चतुर्थ चरण (27 फरवरी 2027 से): देश के 30 जिलों से प्रत्येक जिले के 1000 गौभक्त दिल्ली पहुंचकर सात दिनों तक लोकतांत्रिक ढंग से लाखों की संख्या में प्रार्थना पत्र लिखकर अपनी मांग रखेंगे। इसके बाद अन्य राज्यों के 30-30 जिलों के गौभक्त इसी क्रम में दिल्ली पहुंचेंगे। यह क्रम लगभग छह माह तक जारी रहेगा।
बैठक में यह भी विश्वास व्यक्त किया गया कि यह अभियान 33 कोटि देवी-देवताओं के आशीर्वाद एवं संत समाज के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगा। उपस्थित गौभक्तों ने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने, गो संरक्षण एवं संवर्धन हेतु जन-जागरण चलाने का संकल्प लिया।
1 मार्च को छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगी गो सम्मान आह्वान यात्रा
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रव्यापी गो सम्मान आह्वान यात्रा का प्रथम चरण 1 मार्च को छत्तीसगढ़ में प्रवेश करेगा। यह यात्रा ओडिशा के अंगुल–संबलपुर मार्ग से होते हुए राजधानी रायपुर पहुंचेगी।
2 मार्च को रायपुर में प्रातः 8 बजे से सायं 6 बजे तक एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रमुख संत, विचारक, गो प्रेमी जन एवं गौसेवा से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अवसर पर आचार्य पंडित युवराज पांडे को 2 मार्च की कार्यशाला हेतु निमंत्रण पत्र भी प्रदान किया गया।
आयोजकों के अनुसार, अभियान के तहत भारत के प्रत्येक राज्य में कार्यशालाएं आयोजित कर संतों, समाजसेवियों एवं गौभक्तों को जोड़ा जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गौसेवा, गोरक्षा एवं गौसम्मान को लेकर राष्ट्रव्यापी जनजागरण करना तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों तक गो संरक्षण, गोवंश संवर्धन और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग पहुंचाना है।
अभियान गौमाता और नंदी बाबा के सानिध्य मे संतो द्वारा गैर राजनैतिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है
इस अभियान का नेतृत्व पूर्णतः शांतिपूर्ण तरीके से संचालित किया जा रहा है। अभियान के अध्यक्ष नंदी बाबा एवं प्रमुख संरक्षक भगवती गोमाता के मार्गदर्शन में यात्रा आगे बढ़ रही है। रायपुर में कार्यशाला के पश्चात यात्रा महाराष्ट्र की ओर प्रस्थान करेगी।
आयोजकों ने छत्तीसगढ़ के संतों, गौभक्तों एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर अभियान को सफल बनाने की अपील की है।
राजधानी रायपुर (छत्तीसगढ़) से
प्रवीण शर्मा की खास रिपोर्ट
