डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
*पंचायतों पर ‘ताला राज’ सचिव-सरपंच गायब, बंद दफ्तरों के चक्कर काटते रहे ग्रामीण*
मेहंदवानी की कई पंचायतों में मिली अव्यवस्था, ग्रामीण बोले – “घर से चल रही पंचायत”
मेहंदवानी। डिंडोरी जिले के मेहंदवानी विकासखंड की पंचायत व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन और पारदर्शिता के सरकारी दावों के बीच बुधवार को ग्राम पंचायत पड़रिया, उमरिया और खजरवारा के पंचायत भवनों में ताले लटके मिले। पंचायत कार्यालयों में न सचिव मौजूद थे, न सरपंच और न ही कोई कर्मचारी, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवनों में ताला लटकना अब आम बात बन चुकी है। पंचायत कार्यालय नियमित रूप से बंद रहते हैं और अधिकांश काम कर्मचारियों द्वारा घरों से ही संचालित किए जाते हैं। इसका खामियाजा सीधे ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
शिकायत मिलने पर जब मीडिया टीम ने पंचायत भवनों का निरीक्षण किया तो मौके पर सभी कार्यालय बंद मिले। पंचायत भवनों के मुख्य द्वार पर ताले लगे थे और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी पूरी तरह नदारद दिखाई दिए। यह दृश्य ग्रामीण प्रशासन व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता नजर आया।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत कार्यालयों में नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण शासकीय योजनाओं से जुड़े कई कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन, आवास और मनरेगा जैसे जरूरी कार्यों के लिए लोगों को कई बार पंचायत पहुंचना पड़ता है, लेकिन हर बार बंद कार्यालय देखकर उन्हें मायूस लौटना पड़ता है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब पंचायत भवन ही बंद रहेंगे तो आम लोग अपनी समस्याएं आखिर किसके सामने रखें। एक ओर शासन ग्रामीण क्षेत्रों में जवाबदेही और बेहतर प्रशासन के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मेहंदवानी जनपद की पंचायतों की स्थिति इन दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है।
मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों ने मांग की है कि पंचायत भवनों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लगातार लापरवाही बरतने वाले सचिवों एवं कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जनपद पंचायत और जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जनपद पंचायत मेहंदवानी और जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।







