धमतरी
धमतरी पुलिस का वार्षिक लेखा-जोखा: अपराधों में 35% की भारी गिरावट, 2026 के लिए कड़े संकल्प

​धमतरी। धमतरी पुलिस ने वर्ष 2025 के दौरान अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक ने जिले का वार्षिक लेखा-जोखा साझा किया, जिसमें कुल अपराधों में 35.50% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पुलिस ने न केवल बड़े मामलों को सुलझाया, बल्कि सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान में भी नए आयाम स्थापित किए हैं।

​अपराधों पर लगाम: आंकड़ों की जुबानी

​वर्ष 2024 में दर्ज 2370 मामलों के मुकाबले, 2025 में यह संख्या घटकर 1529 रह गई। संपत्ति संबंधी अपराधों (लूट, चोरी, नकबजनी) में 41.86% की कमी आई है।
​प्रमुख अपराधों में कमी का प्रतिशत:

​शीलभंग: 58.60% ↓

​लूट और चोरी: लगभग 45% ↓

​महिला संबंधी अपराध: 40.5% ↓

​नकबजनी: 43.51% ↓

​अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने में मिली सफलता

​धमतरी पुलिस ने साल भर में कई चुनौतीपूर्ण मामलों का पटाक्षेप किया:

​बरड़िया ज्वैलर्स गोलीकांड: अंतरराज्यीय गिरोह की गिरफ्तारी।

​अन्नपूर्णा ढाबा हत्याकांड: महज कुछ ही घंटों में 08 आरोपियों को दबोचा गया।

​फर्जी आयकर अधिकारी गिरोह: डॉक्टर राठौर के यहाँ छापा मारने वाले 13 जालसाजों का पर्दाफाश।

​पुरानी गुत्थी: भानपुरी में बुजुर्ग की हत्या और भोयना गोदाम के सेप्टिक टैंक से मिले 7 साल पुराने कंकाल मामले में सौतेले पिता की गिरफ्तारी।

​सड़क सुरक्षा और प्रवर्तन में बढ़त

​यातायात नियमों को लेकर पुलिस सख्त रही। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में प्रवर्तन कार्यवाही में 111% की वृद्धि हुई और कुल 1.33 करोड़ रुपये का समन शुल्क व अर्थदंड वसूला गया। इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में 20% और घायलों की संख्या में 31% की कमी आई है।

​नशे के खिलाफ ‘ऑपरेशन निश्चय’

​नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने आक्रामक रुख अपनाया। NDPS एक्ट के तहत कार्यवाही में 31% की वृद्धि हुई। विशेष रूप से PIT NDPS एक्ट के तहत आदतन अपराधियों को जेल भेजा गया। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के जरिए 51 गुमशुदा बच्चों को वापस उनके घर पहुँचाया गया।

​2026 की प्राथमिकताएं: शांति और सुरक्षा का संकल्प

​पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 2026 में धमतरी पुलिस का मुख्य फोकस निम्नलिखित बिंदुओं पर रहेगा:

​नशा मुक्ति: नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण नियंत्रण।

​सड़क सुरक्षा: दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को और कम करना।

​साइबर सुरक्षा: तकनीकी साधनों से साइबर अपराधों पर लगाम।

​प्रतिबंधात्मक कार्यवाही: गुंडा-बदमाशों के विरुद्ध ‘जिला बदर’ जैसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि
​”धमतरी पुलिस जिले को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनसहयोग और आधुनिक पुलिसिंग के माध्यम से हम 2026 में शांति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।”
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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