सतना मध्य प्रदेश

सतना 28 सितम्बर 2026/भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र मुरैना द्वारा 25 एवं 26 सितम्बर को सतना स्थित ए.के.एस. यूनिवर्सिटी के प्रशिक्षण हॉल में दो दिवसीय आई.पी.एम. (एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन) ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 60 से अधिक आत्मा योजनांतर्गत चयनित कृषि सखियों, कृषि विस्तार अधिकारियों, सहायक तकनीकी प्रबंधकों एवं प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सहायक निदेशक सुनीत कुमार कटियार, सहायक संचालक कृषि डॉ. लवकुश सिंह, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अभिषेक सिंह बादल एवं अवधेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सहायक निदेशक सुनीत कुमार कटियार ने खरीफ फसलों में पाए जाने वाले मित्र कीटों की पहचान, उनके महत्व तथा संरक्षण एवं संवर्धन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मित्र कीटों का संरक्षण कर फसलों में लगने वाले हानिकारक कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। धान की फसल में पत्ती मोड़क एवं बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट जैसे कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके प्रभावी प्रबंधन की जानकारी भी दी गई। किसानों को खरपतवार नियंत्रण के साथ फसल उत्पादन की लागत कम कर अधिक लाभ प्राप्त करने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम के शुभारंभ में सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अभिषेक सिंह बादल ने प्रतिभागियों एवं अधिकारियों का स्वागत करते हुए केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र के कार्यों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को शस्य, यांत्रिक, जैविक एवं रासायनिक उपायों के समन्वय से एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन की तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से फसल, पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया गया। सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अभिषेक सिंह बादल एवं अवधेश कुमार ने फॉल आर्मी वर्म की पहचान एवं प्रबंधन तथा कृषि पारिस्थितिकी तंत्र विश्लेषण की प्रक्रिया एवं उसके महत्व पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का विश्लेषण कर किसान फसल में लगने वाले कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान का समय रहते आकलन कर सकते हैं और आवश्यकता के अनुसार ही नियंत्रण उपाय अपनाकर रासायनिक कीटनाशकों के अनावश्यक प्रयोग को कम कर सकते हैं। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान खरीफ फसलों में लगने वाले विभिन्न कीट एवं रोगों के प्रबंधन, पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों तथा फसल सुरक्षा की आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

प्रशांत त्रिपाठी सतना ब्यूरो

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