जबलपुर – भेड़ाघाट के सफेद संगमरमर और नर्मदा नदी का स्वच्छ जल पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता था…
देश-विदेश से लोग यहां की सुंदरता देखने आते थे…
लेकिन अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है…
(गंदगी, कचरा, काले होते पत्थर)

भेड़ाघाट के संगमरमर के पत्थर, जो कभी सफेद चमकते थे…अब धीरे-धीरे काले पड़ते जा रहे हैं…
नर्मदा का पानी भी पहले जैसा स्वच्छ नहीं रहा…
सबसे चिंताजनक बात यह है कि…नदी के किनारे कचरा फैलता जा रहा है और
कुछ स्थानों पर लोग नर्मदा में जूठे बर्तन तक धोते नजर आ रहे है।

“पहले यहां बहुत साफ-सफाई रहती थी… अब हालत खराब हो गई है…”

“हम यहां घूमने आए थे, लेकिन गंदगी देखकर बहुत निराशा हुई…”

एक तरफ स्वच्छता अभियान की बातें की जाती हैं…
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है…
सवाल यह उठता है कि…
क्या हम अपनी ही धरोहर को धीरे-धीरे खत्म होने दे रहे हैं?
क्या प्रशासन और स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी नहीं बनती कि इस ऐतिहासिक स्थल को बचाया जाए?

अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो वह दिन दूर नहीं जब भेड़ाघाट सिर्फ यादों में रह जाएगा…अब जरूरत है जागरूकता की…
जिम्मेदारी की…
और ठोस कदम उठाने की…
“क्या हम अपनी संस्कारधानी को बचा पाएंगे?”

रिपोर्ट – सुरभि जैन

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