डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
25 अक्टूबर से डिंडौरी में तीन दिवसीय समारोह का आगाज, मेहंदवानी, समनापुर और बजाग में भी होंगे आयोजन
डिंडौरी, 24 अक्टूबर। जनजातीय संस्कृति, लोककला और गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डिंडौरी जिले के चार विकासखंडों में जननायक समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन समारोहों में राजा पेमलशाह, राजा लौहगुण्डी एवं राजा हीरा खान सिंह छत्री के जीवन और योगदान पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से जनजातीय जननायकों की वीरगाथाओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया जाएगा। समारोहों की शुरुआत 25 अक्टूबर से डिंडौरी विकासखंड में होगी।
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी तथा मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद, भोपाल के माध्यम से इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिले में समारोहों के आयोजन को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
चार विकासखंडों में इस तारीख से होंगे आयोजन
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डिंडौरी विकासखंड में 25 से 27 अक्टूबर तक उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान में समारोह आयोजित होगा। इसके बाद मेहंदवानी विकासखंड में 29 से 31 अक्टूबर तक मॉडल स्कूल के सामने कार्यक्रम होंगे। वहीं समनापुर में 11 से 13 नवंबर तक कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान तथा बजाग में 15 से 17 नवंबर 2026 तक बीआरसी कार्यालय परिसर में समारोह आयोजित किए जाएंगे।
अधिकारियों को सौंपी गई आयोजन की जिम्मेदारी
समारोहों के सफल और सुव्यवस्थित संचालन के लिए विकासखंडवार नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। डिंडौरी में मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेदप्रकाश गोस्वामी, मेहंदवानी में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन, समनापुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोहित उपाध्याय तथा बजाग में मुख्य कार्यपालन अधिकारी सचिन अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलाकारों के ठहरने से लेकर सुरक्षा तक की व्यवस्था
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम स्थलों का आरक्षण, साफ-सफाई, पेयजल, सुरक्षा, बैठक व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक दिन 50 कलाकारों के आवास की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही समारोहों के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
इन आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक जननायकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जिले के चार विकासखंडों में होने वाले ये समारोह जनजातीय कला और संस्कृति को मंच प्रदान करने के साथ स्थानीय लोगों को अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ने का अवसर देंगे।







