
गरियाबंद। 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा भारत “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया, वहीं सावन माह की पवित्र बेला में गरियाबंद के प्रसिद्ध भूतेश्वरनाथ महादेव धाम में राष्ट्रप्रेम और शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
एक ओर आसमान में लहराता तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक बना हुआ था, तो दूसरी ओर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से पूरा भूतेश्वरनाथ धाम भक्तिमय हो उठा। मानो स्वतंत्रता दिवस की देशभक्ति और सावन की शिवभक्ति ने एक साथ मिलकर आस्था और राष्ट्रप्रेम की अनुपम तस्वीर उकेर दी हो।
सावन माह के चलते सुबह से ही भूतेश्वरनाथ महादेव के दर्शन, जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने बाबा भोलेनाथ के चरणों में शीश नवाकर देश की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
तिरंगे की शान और शिवभक्ति की आस्था जब एक साथ नजर आई, तो भूतेश्वरनाथ धाम का पूरा वातावरण मन को मोह लेने वाला बन गया। हर ओर उमंग, उल्लास, श्रद्धा और राष्ट्रप्रेम की भावनाएं दिखाई दीं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो राष्ट्रप्रेम और अध्यात्म एक ही स्वर में संदेश दे रहे हों—
“देश सर्वोपरि, आस्था अटूट
भारत माता की जय… हर-हर महादेव!”
स्वतंत्रता दिवस पर भूतेश्वरनाथ धाम में उमड़ा यह आस्था का सैलाब केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि गरियाबंद की समृद्ध धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की जीवंत तस्वीर भी बन गया।
जहां तिरंगे ने देशभक्ति जगाई, वहीं भोलेनाथ की भक्ति ने आत्मा को भिगो दिया—भूतेश्वरनाथ धाम में स्वतंत्रता दिवस सचमुच आस्था और राष्ट्रप्रेम के संगम का पर्व बन गया।
रिपोर्ट — नेहरू साहू
जिला ब्यूरो, गरियाबंद
