शहडोल भाजपा विधायक मनीषा सिंह और कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी को ज्ञापन सौंपकर जताई नाराजगी, कहा— ‘हम सत्ता विरोधी नहीं, लेकिन उपेक्षा विरोधी हैं’
शहडोल।-मध्य प्रदेश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर धनगर(पाल )समाज ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ‘ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ मध्य प्रदेश’ के बैनर तले प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत करते हुए राज्य के सभी जिलों में भाजपा और कांग्रेस के प्रमुखों को ज्ञापन सौंपने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में शहडोल जिले में भी समाज के पदाधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए भाजपा की स्थानीय विधायक मनीषा सिंह और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी को एक मांग पत्र सौंपा।
70 लाख की आबादी, फिर भी उपेक्षा क्यों?
दस्तावेज़ के अनुसार, महासंघ ने राजनीतिक दलों के सामने अपनी ताकत का अहसास कराते हुए साफ किया है कि मध्य प्रदेश में धनगर (पाल )समाज की आबादी लगभग 70 लाख से भी अधिक है, जिसमें से करीब 45 लाख वोटर हर चुनाव में सरकार बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज का आरोप है कि राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक दोनों ही प्रमुख पार्टियों (भाजपा और कांग्रेस) ने धनगर(पाल )समाज के योग्य व्यक्तियों को विधानसभा चुनावों में टिकट देने से परहेज किया है। महासंघ ने इसे समाज के प्रति राजनीतिक दलों का उपेक्षापूर्ण रवैया करार दिया है।
2027 और 2028 के लिए बड़ा अल्टीमेटम
ज्ञापन के माध्यम से धनगर (पाल )समाज ने साफ संदेश दिया है कि आगामी वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों में मध्य प्रदेश के उन तमाम जिलों (जैसे मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, सीहोर, शाजापुर, इंदौर, पांढुर्ना, बुरहानपुर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार शहडोल आदि) में जहाँ समाज की बड़ी आबादी और निर्णायक वोटर हैं, वहाँ धनगर समाज के नेताओं को टिकट दिया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2027 में होने वाले नगर पालिका निगम के चुनावों में भी पार्षद पद के लिए समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की पुरजोर मांग की गई है।
“हम सत्ता विरोधी नहीं, लेकिन उपेक्षा विरोधी हैं”
ज्ञापन में दर्ज यह नारा साफ तौर पर यह दर्शाता है कि समाज अब किसी भी दल के लिए सिर्फ ‘वोट बैंक’ बनकर रहने को तैयार नहीं है। अगर पार्टियाँ सदन में धनगर(पाल )समाज की आवाज बुलंद करने का अवसर नहीं देतीं, तो आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे मौजूद
शहडोल में इस अभियान को गति देने के लिए ऑल इंडिया धनगर समाज महासंघ के जिलाध्यक्ष हीरालाल पाल, संभागाध्यक्ष कमलेंद्र पाल, और प्रदेशाध्यक्ष अनिल धनगर, रामपाल पाल, उमाकांत पाल की ओर से यह मोर्चा संभाला गया। यह ज्ञापन प्रतिलिपि के तौर पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवालऔर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष (जीतू पटवारी) कार्यालय, भोपाल को भी भेजी जा रही है ताकि प्रदेश स्तर पर समाज की इस मांग को गंभीरता से लिया जा सके।
अब देखना यह होगा कि धनगर समाज के इस बड़े कदम के बाद भाजपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए क्या रणनीति अपनाती हैं।
अजय पाल
