डिंडौरी मध्यप्रदेश
अमरपुर। गांव के विकास से लेकर ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान का पहला केंद्र माने जाने वाले पंचायत भवन पर ही यदि ताला लटका मिले, तो ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर आखिर जाएं कहां? जनपद पंचायत अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बटिया में पंचायत भवन बंद मिलने का मामला सामने आने के बाद पंचायत की कार्यप्रणाली और ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन नियमित रूप से नहीं खुलने के कारण उन्हें पंचायत से जुड़े जरूरी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद पत्रकार जमीनी स्थिति जानने पंचायत भवन पहुंचे तो मौके पर कार्यालय बंद मिला। हालांकि उस समय पंचायत भवन बंद रहने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित जिम्मेदारों के पक्ष से ही हो सकेगी।
गांव की सरकार के दफ्तर पर ताला, ग्रामीणों की परेशानी कौन सुने?
ग्राम पंचायत ग्रामीण शासन व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। प्रमाण-पत्र, योजनाओं की जानकारी, निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी, आवेदन, शिकायत और अन्य पंचायत संबंधी कार्यों के लिए ग्रामीण पंचायत कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय बंद मिलने से लोगों को वापस लौटना पड़े तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन कई बार बंद मिलता है। इससे छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें जिम्मेदार कर्मचारियों से संपर्क करने और बार-बार पंचायत भवन के चक्कर लगाने की नौबत आती है। खासकर दूर-दराज से आने वाले ग्रामीणों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बनती है।
पत्रकार पहुंचे तो मौके पर बंद मिला भवन
मामला केवल ग्रामीणों के आरोप तक सीमित नहीं रहा। सूचना मिलने के बाद पत्रकार मौके पर पहुंचे तो उस समय पंचायत भवन बंद पाया गया। इससे यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है कि पंचायत भवन के संचालन के लिए निर्धारित व्यवस्था क्या है और ग्रामीणों को जिम्मेदार कर्मचारी किस समय कार्यालय में उपलब्ध होते हैं?
यदि किसी आवश्यक कारण से पंचायत भवन बंद रखा गया था तो इसकी सूचना ग्रामीणों को किस माध्यम से दी गई? और यदि संबंधित कर्मचारी किसी शासकीय कार्य से बाहर थे तो पंचायत संबंधी कार्य लेकर आने वाले ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या थी? इन सवालों का जवाब पंचायत के जिम्मेदारों और जनपद पंचायत प्रशासन से अपेक्षित है।

सिर्फ भवन बना देना पर्याप्त नहीं, नियमित संचालन भी जरूरी
शासन द्वारा ग्रामीणों को योजनाओं और सेवाओं का लाभ गांव स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए पंचायत व्यवस्था संचालित की जाती है। पंचायत भवन इसी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में कार्यालय का नियमित संचालन और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपलब्धता आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को सामान्य काम के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से मामले पर ध्यान देने और पंचायत भवन का नियमित संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि जनपद पंचायत अमरपुर के जिम्मेदार अधिकारी बटिया पंचायत भवन बंद मिलने के मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि मौके पर पंचायत भवन आखिर किस कारण बंद था और ग्रामीणों द्वारा नियमित संचालन को लेकर लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। संबंधित पक्ष और प्रशासन का जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया







