गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर मुस्लिम विकास परिषद ने सौंपा ज्ञापन
सिवनी, दिनांक 17 अप्रैल 2026
मध्यप्रदेश मुस्लिम विकास परिषद, सिवनी द्वारा आज गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने एवं देशभर में सशक्त गौ संरक्षण कानून लागू करने की मांग को लेकर एक महत्वपूर्ण ज्ञापन जिला कलेक्टर सिवनी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम सौंपा गया।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद माहिर खान के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री महामंत्री शोएब राजा खान एवं जिलाध्यक्ष साजिद खान सज्जू के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया कि भारत विविधता, सहअस्तित्व एवं आपसी सम्मान की परंपरा वाला देश है, जहां गाय का विशेष सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय महत्व रहा है। परिषद ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा में “माता” का दर्जा प्राप्त है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रही है।
ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने देश में बढ़ती गौ तस्करी, अवैध वध, बूचड़खानों के विस्तार एवं गौमांस निर्यात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ये गतिविधियां सामाजिक सौहार्द एवं देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रभावित कर रही हैं। परिषद ने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर उसे विशेष संवैधानिक संरक्षण दिया जाए तथा गौमांस के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
इसके साथ ही परिषद ने कमजोर एवं बूढ़ी गायों की खरीदी-बिक्री पर रोक, गौवंश की मृत्यु पर सम्मानजनक अंतिम संस्कार, देशभर में एक समान कठोर गौ संरक्षण कानून लागू करने, गौशालाओं को विशेष सहायता प्रदान करने, गौ आधारित उत्पादों एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा अवैध गौ तस्करी रोकने हेतु विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई।
इस अवसर पर परिषद के सरपरस्त शब्बीर वारसी, जिला उपाध्यक्ष असलम मिर्जा, जावेद खान (सिहोरा), लाइक पटेल, जिला कोषाध्यक्ष रहीम खान, जिला सचिव फैजान खान, सिराजुद्दौला, लीगल एडवाइजर एडवोकेट मतीन खान, एडवोकेट सलमान खान, सोहेल पटेल (कान्हीवाड़ा), मीडिया प्रभारी हसीब खान सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में भीम आर्मी के पदाधिकारी संतोष महेरा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों—मोहम्मद इरशाद कादरी, फरहान, साहिब खान, शाहरुख खान, इमरान, नदीम खान, मोहम्मद इरशाद खान आदि की भी सहभागिता रही।
परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि यह पहल सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे एवं देश की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगी।
सूरज बघेल







