गरबा आयोजन विवाद: शानू प्रधान और जागृति रजक के मामले में कार्रवाई की माँग, सुरभि ने उठाए राजनीतिक पद और कथित मनमानी पर सवाल
जबलपुर। गरबा एवं डांडिया आयोजन को लेकर विवाद लगातार चर्चा में है। कार्यक्रम की आयोजक सुरभि ने शानू प्रधान और जागृति रजक के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जाँच और उचित कार्रवाई की माँग की है। सुरभि का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित उनके पास ऑडियो और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, जिनकी जाँच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
🔴 पद की ताकत या समाज के प्रति जिम्मेदारी?
सुरभि ने आरोप लगाया कि शानू प्रधान BJP में महिला पदाधिकारी होने के कारण अपनी राजनीतिक पहुँच और प्रभाव का हवाला देती हैं। सुरभि के अनुसार, बातचीत के दौरान कथित तौर पर ऐसी बातें कही गईं, जिनसे उन्हें यह महसूस हुआ कि संबंधित व्यक्ति अपनी पहुँच के बल पर कुछ भी कर सकने का दावा कर रही हैं।
सुरभि ने सवाल उठाया कि किसी भी राजनीतिक दल, संगठन या महिला पद पर कार्य करने वाले व्यक्ति को क्या दूसरों के सम्मान और प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का अधिकार मिल जाता है? उनके अनुसार, पद की वास्तविक जिम्मेदारी समाज के लोगों को साथ लेकर चलना, सहयोग करना और विवादों का निष्पक्ष समाधान करना है।
⚠️ डांस अकादमी की आड़ में आयोजन पर प्रभाव डालने का आरोप
सुरभि ने आरोप लगाया कि डांस अकादमी के माध्यम से बच्चों और अन्य प्रतिभागियों को अपने साथ जोड़कर अपनी अलग छवि बनाने की कोशिश की गई, जबकि विवाद के दौरान दूसरे आयोजक की छवि प्रभावित हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी प्रतिभा, संस्था और कार्यों के माध्यम से पहचान बनानी है, तो क्या इसके लिए दूसरे व्यक्ति की मेहनत या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना उचित है?
सुरभि का कहना है कि किसी भी आयोजन में सभी को अपनी मेहनत का उचित सम्मान मिलना चाहिए और किसी व्यक्ति को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके दूसरे आयोजक को परेशान नहीं करना चाहिए।
🔴 आखिर दूसरों के बारे में गलत बातें कहने का अधिकार किसने दिया?
सुरभि ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को किसी दूसरे के काम या व्यवहार पर आपत्ति है, तो उसे संबंधित तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। सार्वजनिक रूप से किसी की छवि प्रभावित करने वाली बातें कहना उचित नहीं है।
उन्होंने माँग की कि उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों की जाँच कर यह स्पष्ट किया जाए कि बातचीत में वास्तव में क्या कहा गया और विवाद की परिस्थितियाँ क्या थीं।
⚖️ राजनीतिक दल और प्रशासन से निष्पक्ष जाँच की माँग
सुरभि ने संबंधित अधिकारियों और पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों से मामले पर ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संगठन में पद पर रहने वाले व्यक्ति से समाज के प्रति जिम्मेदारी और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने माँग की कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जाँच हो तथा यदि किसी की गलती प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
📢 सुरभि का सवाल—पद बड़ा है या समाज के प्रति जिम्मेदारी?
सुरभि के अनुसार, किसी भी पार्टी, संगठन या संस्था में काम करने वाले व्यक्ति के लिए अहंकार और व्यक्तिगत प्रभाव से ऊपर उठकर समाज के हित में काम करना आवश्यक है। किसी भी विवाद में निर्णय आरोपों या पद के आधार पर नहीं, बल्कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।
जबलपुर से विशेष रिपोर्ट।
यह समाचार आयोजक सुरभि के बयान पर आधारित है। शानू प्रधान और जागृति रजक का पक्ष प्राप्त होने तथा उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों की स्वतंत्र जाँच
