5 दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आया था युवक, नहाते समय गहरे पानी में समाया; रेस्क्यू टीम शव निकालने में जुटी

 

पाण्डुका/गरियाबंद। जिले के प्रसिद्ध गजपल्ला वॉटरफॉल में रविवार को एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया। रायपुर से अपने पांच दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे एक युवक की वॉटरफॉल में नहाते समय गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 17 वर्षीय आदित्य चौधरी के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से मृतक के नाम और मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

 

जानकारी के अनुसार युवक अपने दोस्तों के साथ गजपल्ला वॉटरफॉल पहुंचा था। पिकनिक के दौरान युवक पानी में नहाने उतरा, लेकिन अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते पानी में समा गया। साथियों ने तत्काल जिला प्रशासन को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम और रेस्क्यू दल आवश्यक तैयारी के साथ मौके के लिए रवाना हुआ। रेस्क्यू टीम पानी में युवक की तलाश कर शव बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।

 

एक साल बाद फिर वही हादसा, आखिर कब जागेगा प्रशासन?

 

गजपल्ला वॉटरफॉल में डूबने की यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर पानी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद यहां आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

एक ओर प्राकृतिक सौंदर्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। खतरनाक जल क्षेत्र में बिना सुरक्षा इंतजाम और बिना पर्याप्त सावधानी के उतरना किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।

 

सिर्फ प्रशासन ही नहीं, पर्यटकों की लापरवाही भी जिम्मेदार

 

वॉटरफॉल जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर गहरे पानी में उतरना, चेतावनी के बावजूद नहाना और खतरे को हल्के में लेना पर्यटकों की गंभीर लापरवाही है। मौज-मस्ती के कुछ पल कब जिंदगी की आखिरी घड़ी बन जाएं, इसका अंदाजा ऐसे हादसों से लगाया जा सकता है।

 

अब सवाल यह है कि क्या पिछले हादसे से कोई सबक लिया गया? क्या गजपल्ला वॉटरफॉल में चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा कर्मी, बैरिकेडिंग और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था है? यदि नहीं, तो ऐसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।

 

एक परिवार का चिराग बुझ गया। पिकनिक की खुशी मातम में बदल गई। अब जरूरत है कि प्रशासन और पर्यटक दोनों अपनी जिम्मेदारी समझें, ताकि गजपल्ला वॉटरफॉल फिर किसी परिवार से उसका अपना न छीन सके।

 

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

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