रायपुर, 23 मई 2026:
राजधानी रायपुर में अपराध अनुसंधान और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए आज एक अहम शुरुआत हुई। सी-4, सिविल लाइन रायपुर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान डायरेक्टर एफएसएल श्री सुशील चंद्र द्विवेदी एवं पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने 02 अत्याधुनिक मोबाइल फोरेंसिक वैन (सीन ऑफ क्राइम वाहनों) को हरी झंडी दिखाकर कर्तव्य स्थल के लिए रवाना किया। ये आधुनिक वाहन घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों के त्वरित संकलन, प्रारंभिक परीक्षण और रात्रिकालीन जांच को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने वैज्ञानिक तकनीकों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इन मोबाइल प्रयोगशालाओं के संचालन से साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जा सकेगा, जिससे विशेषकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत होगा और अपराधों का शीघ्र खुलासा हो सकेगा।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पुलिस, एफएसएल, प्रॉसिक्यूशन और कानून जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने वाले प्रमुख अधिकारियों में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले, पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर श्री उमेश गुप्ता, स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष श्री दिनेश देवांगन, प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन श्रीमती आरती गुप्ता और लोक अभियोजक श्री जगदीश अग्रवाल शामिल थे।
इनके साथ ही अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर (मध्य) श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त डिप्टी पुलिस कमिश्नर (मुख्यालय) डॉ. अर्चना झा, ज्वाइंट डायरेक्टर एफएसएल श्री टी. एल. चंद्रा, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. योगिता साहू, सहायक पुलिस कमिश्नर (लाइन) श्री निलेश द्विवेदी तथा रक्षित निरीक्षक श्री अनीष सारथी सहित लगभग 100 अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारी इस गौरवशाली क्षण के साक्षी बने।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़









