अंतरा में धार्मिक आस्था पर चोट, बाउंड्रीवॉल तोड़कर पक्का निर्माण शुरू; विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हुए दबंग चुन्नू और उसके साथी।

 

​शहडोल -जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम अंतरा में स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र कंकाली माता मंदिर ट्रस्ट की बेशकीमती जमीन पर दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट के अधीन आने वाली खसरा नंबर 22 और 224 की भूमि पर कुछ स्थानीय रसूखदार और असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है।

 

​तार फेंसिंग तोड़कर शुरू किया पक्का निर्माण:

शिकायती पत्र के अनुसार, मंदिर प्रशासन द्वारा उक्त भूमि की सुरक्षा के लिए चारों तरफ से लोहे के तारों से फेंसिंग कराई गई थी। लेकिन दबंग चुन्नू, पंतगी और उनके नाती-पोतों ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए मंदिर की फेंसिंग के खंभे उखाड़ दिए और तार तोड़ दिए। इतना ही नहीं, इन लोगों ने मंदिर की जमीन पर नींव खोदकर पत्थर गिरा दिए हैं और अवैध रूप से पक्का कमरा बनाना शुरू कर दिया है।

 

​पुजारियों को दी जा रही गंदी गालियां, मारपीट की धमकी:

 

जब मंदिर के पूजनीय पुजारियों, कर्मचारियों और ट्रस्ट के सदस्यों ने इस अवैध निर्माण को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों द्वारा उनके साथ अत्यंत अभद्र व्यवहार किया गया। कब्जाधारियों ने पुजारियों को सरेआम गंदी-गंदी गालियां दीं और धमकी देते हुए कहा कि “यह सब हमारा है, अगर दोबारा यहां आए या ज्यादा विरोध किया तो जान से मारेंगे और हाथ-पैर तोड़ देंगे।” इस घटना से मंदिर के स्टाफ और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।

 

​खसरा नंबर 224 पर जादू-टोने और अवैध ओटले का जाल:

मामला यहीं नहीं थमता, खसरा नंबर 224 पर राजेश और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा झोपड़ी बनाकर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ये लोग वहां कथित तौर पर जादू-टोना जैसी संदिग्ध गतिविधियां संचालित करते हैं और नारियल बेचते हैं। जब भी मंदिर प्रबंधन उन्हें वहां से हटने को कहता है, तो वे विवाद पर आमादा हो जाते हैं।

 

15 दिन पहले दी थी सूचना, फिर भी मौन रहा प्रशासन:

 

चौंकाने वाली बात यह है कि इस संबंध में तहसीलदार सिंहपुर और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) सोहागपुर को 15 दिन पहले ही लिखित में अवगत करा दिया गया था। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली सुस्त रही, जिसका फायदा उठाकर कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद हो गए।

 

​कलेक्टर की चौखट पर पहुंचे ग्रामीण, तत्काल कार्रवाई की मांग

 

प्रशासनिक उदासीनता से क्षुब्ध होकर आज दिनांक 30 जून 2026 को तीर्थसिंह, रमेश, रामचरण, रामजी तथा मंदिर के मुख्य पुजारी चंद्रिका प्रसाद तिवारी, बालमुकुंद और रमाकांत विश्वकर्मा सहित दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर एवं दंडाधिकारी महोदय, जिला शहडोल को ज्ञापन सौंपा।

​ग्रामीणों ने मांग की है कि:

​कलेक्टर स्वयं या किसी वरिष्ठ अधिकारी से मौके का निरीक्षण करवाएं।

​मंदिर की बाउंड्रीवॉल को तोड़कर अवैध रूप से बनाए जा रहे पक्के मकान के काम को तुरंत रुकवाया जाए और उसे ध्वस्त किया जाए।

​आस्था के केंद्र को अपवित्र होने से बचाया जाए और पुजारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

​ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत इस पक्के अवैध निर्माण को नहीं गिराया, तो आने वाले समय में भू-माफिया पूरी जमीन को निगल जाएंगे और मंदिर का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।

 

      अजय पाल

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