डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत दूधी मझौली में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर निर्माण प्रक्रिया और गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में स्वीकृत एस्टीमेट और निर्धारित निर्माण मानकों की अनदेखी करते हुए काम कराया जा रहा है। वहीं, मजदूरों से कराए जाने वाले कार्य में मशीन के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण स्थल पर सड़क की ढलाई के दौरान फ्यूरी मशीन का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत प्राक्कलन में कार्य मजदूरों के माध्यम से कराया जाना निर्धारित है, तो मशीन से निर्माण कराया जाना जांच का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि मशीन के इस्तेमाल से स्थानीय मजदूरों को मिलने वाले रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।
गिट्टी की गुणवत्ता पर भी सवाल
निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि निर्धारित मानकों के अनुसार 20 एमएम और 40 एमएम गिट्टी का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर 6 एमएम गिट्टी के इस्तेमाल की बात सामने आई है। साथ ही सड़क की ढलाई के दौरान वाइब्रेटर मशीन का पर्याप्त उपयोग नहीं किए जाने से सड़क की मजबूती और टिकाऊपन को लेकर भी आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, निर्माण में वास्तव में किस गुणवत्ता और अनुपात की सामग्री का उपयोग हुआ है, इसकी पुष्टि तकनीकी जांच और सामग्री के नमूनों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
मौके पर तकनीकी निगरानी पर उठे सवाल
निर्माण स्थल पर पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों और तकनीकी अमले की नियमित मौजूदगी को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान उपयंत्री अथवा संबंधित तकनीकी अधिकारी की निगरानी होने पर सामग्री की गुणवत्ता, सड़क की मोटाई, मिश्रण का अनुपात और निर्माण प्रक्रिया की जांच मौके पर ही संभव थी।
ऐसे में सवाल उठता है कि निर्माण कार्य की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है और क्या सड़क का निर्माण स्वीकृत एस्टीमेट एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कराया जा रहा है?
तकनीकी जांच से साफ होगी तस्वीर
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण, सड़क की मोटाई और निर्माण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में स्वीकृत एस्टीमेट के विपरीत सामग्री के इस्तेमाल, गुणवत्ता में कमी या निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल दूधी मझौली में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर उठे सवालों ने पंचायत स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब निगाहें संबंधित विभाग की तकनीकी जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं।
