डिंडौरी मध्यप्रदेश

शहपुरा/डिंडौरी। डिंडोरी जिले के शहपुरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में निर्माणाधीन 20 सैया अस्पताल भवन का कार्य अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना में गुणवत्ता विहीन निर्माण, तकनीकी मानकों की अनदेखी और विभागीय लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि निर्माण कार्य प्रारंभ से ही नियमों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार अस्पताल भवन निर्माण शुरू होने से पहले एसबीएल परीक्षण और तकनीकी निरीक्षण के बाद ही फाउंडेशन निर्माण कराया जाना था, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार द्वारा बिना पर्याप्त तकनीकी निगरानी के ही कार्य शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर कॉलम की गहराई अलग-अलग रखी गई है तथा मानक परीक्षण के बिना ही कंक्रीट कर दिया गया।

निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कई गंभीर खामियां भी सामने आ रही हैं। तकनीकी मानकों के अनुरूप कवर ब्लॉक का उपयोग नहीं किए जाने, कंक्रीट कार्य में वाइब्रेटर का सीमित उपयोग तथा नियमित क्यूरिंग (तराई) नहीं होने से भवन की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में यह भवन सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकता है।

सबसे गंभीर आरोप निर्माण स्थल पर गुणवत्ता परीक्षण लैब नहीं होने को लेकर लगाए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार ठेकेदार को निर्माण सामग्री एवं कंक्रीट की जांच के लिए अस्थायी लैब स्थापित करनी थी, लेकिन मौके पर ऐसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। इससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच प्रभावित हो रही है।

श्रमिक सुरक्षा और श्रम कानूनों की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर कार्यरत हैं, लेकिन उनका श्रम विभाग में पंजीयन नहीं कराया गया है। मजदूरों के लिए रहने, बैठने और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बताया जा रहा है।

निर्माण स्थल पर साइट ऑर्डर बुक और निरीक्षण पंजिका तक उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है, जिससे अधिकारियों के निरीक्षण और टिप्पणियों का रिकॉर्ड भी संदेह के घेरे में है। वहीं रेत और गिट्टी जैसी निर्माण सामग्री खुले में मिट्टी युक्त स्थान पर डंप किए जाने से कंक्रीट की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। आरोप यह भी है कि निर्माण में मानक स्तर की गिट्टी के स्थान पर बारीक गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उपयंत्री, एसडीओ और कार्यपालन यंत्री स्तर के अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा, जिसके चलते ठेकेदार मनमाने ढंग से कार्य कर रहा है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की इस स्वास्थ्य परियोजना में गुणवत्ता से समझौता किया जाना बेहद गंभीर मामला है।

अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग और संबंधित निर्माण एजेंसी की कार्रवाई पर टिकी हुई है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है।

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

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