डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
हत्या, लूट, चोरी और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों की जांच में मिलेगी मदद; DNA और फिंगरप्रिंट किट सहित आधुनिक उपकरणों से लैस
डिंडौरी। जिले में गंभीर अपराधों की जांच और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया अब और प्रभावी हो सकेगी। डिंडौरी पुलिस को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। शनिवार, 19 सितंबर को पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर वैन को कार्यस्थल के लिए रवाना किया।
पुलिस मुख्यालय भोपाल की तकनीकी शाखा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला वैज्ञानिक अधिकारियों को आपराधिक घटनाओं के घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्यों के त्वरित, व्यवस्थित और सुरक्षित संकलन के लिए मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में डिंडौरी जिले को भी यह सुविधा मिली है।
मौके पर ही सुरक्षित किए जा सकेंगे अहम साक्ष्य
मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से जिला वैज्ञानिक अधिकारी एवं संबंधित विशेषज्ञ घटनास्थल पर उपलब्ध भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन, संरक्षण, पैकेजिंग और दस्तावेजीकरण कर सकेंगे। इससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के साथ जांच की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के साथ फिंगरप्रिंट, डीएनए नमूने तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और उन्हें सुरक्षित पैक करने का काम अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। आवश्यक प्राथमिक वैज्ञानिक परीक्षण की सुविधा भी जांच में मददगार साबित होगी।
हत्या, लूट, चोरी और दुष्कर्म के मामलों में होगा उपयोग
मोबाइल फॉरेंसिक वैन का उपयोग हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी और दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में किया जाएगा। इसके अलावा अज्ञात मृतकों से संबंधित घटनास्थलों के निरीक्षण और साक्ष्य संकलन में भी वैन की मदद ली जाएगी।
पुलिस का मानना है कि अपराध के बाद शुरुआती समय में घटनास्थल से साक्ष्यों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से संकलन जांच की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। ऐसे में मोबाइल फॉरेंसिक वैन जांच टीम को मौके पर ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।
DNA से लेकर फिंगरप्रिंट तक की किट से लैस
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में सीसीटीवी कैमरा एवं निगरानी उपकरण, लैपटॉप-प्रिंटर, डीएसएलआर कैमरा, विभिन्न इन्वेस्टिगेशन किट, डीएनए परीक्षण एवं सैंपल कलेक्शन किट, फिंगरप्रिंट किट, सैंपल कलेक्शन और पैकेजिंग सामग्री तथा नारकोटिक्स डिटेक्शन किट सहित घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए कई आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इन संसाधनों की मदद से जांच टीम घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो लेने के साथ विभिन्न नमूनों तथा फिंगरप्रिंट जैसे साक्ष्यों को मौके पर ही वैज्ञानिक तरीके से जुटाकर संरक्षित कर सकेगी।
अपराध की जांच में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर
पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन से जिले में गंभीर आपराधिक घटनाओं के घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्यों के त्वरित और प्रभावी संकलन को गति मिलेगी। साक्ष्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण, संग्रहण और प्राथमिक परीक्षण अपराधों के वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आरोपियों की पतासाजी में महत्वपूर्ण सहायता करेगा। वैज्ञानिक साक्ष्यों का उचित संकलन और संरक्षण न्यायालयीन प्रक्रिया में भी उपयोगी होगा।
वैन को रवाना किए जाने के दौरान एसडीओपी डिंडौरी सतीश द्विवेदी, एसडीओपी बजाग विवेक कुमार गौतम, रक्षित निरीक्षक अखिल द्विवेदी, कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गाप्रसाद नगपुरे, एमटीओ शंभू मरावी सहित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।







