मुख्य बस स्टैंड के पास सामुदायिक भवन की भूमि पर 4 लोगों द्वारा पक्की दुकानों का निर्माण, ग्रामीणों की शिकायत पर RI-पटवारी ने बनाया पंचनामा
कटनी मध्य प्रदेश
ढीमरखेड़ा। तहसील ढीमरखेड़ा के ग्राम पंचायत दशरमन में शासकीय भूमि पर कब्जे का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्य बस स्टैंड के पास स्थित लगभग 40 लाख रुपये कीमत की शासकीय भूमि पर ग्राम पंचायत की मिलीभगत से 4 लोगों द्वारा पक्की दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था। ग्रामीणों की सजगता और एसडीएम की त्वरित कार्रवाई से यह खेल उजागर हो गया।
इन 4 लोगों ने किया था कब्जा
प्रशासन द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शासन की जमीन पर कब्जा करने वालों में मोहम्मद अली खान, राजू लोधी, आशीष बर्मन और रवि शंकर राजभर शामिल हैं। ये सभी लोग ग्राम पंचायत की शह पर वहां पक्का निर्माण करा रहे थे।
ग्रामीणों ने दी SDM को सूचना, फिर हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने जब देखा कि सामुदायिक भवन के मैदान पर निजी दुकानें बन रही हैं तो उन्होंने पहले ग्राम पंचायत सचिव विजय दुबे को सूचना दी। आरोप है कि सचिव ने मौके पर आकर कहा कि निर्माण ठीक चल रहा है, आप काम जारी रखिये। वहीं सरपंच पति भरत शुक्ल ने शिकायतकर्ता ग्रामीणों से विवाद करते हुए धमकाया कि निर्माण यहीं होगा, शासन-प्रशासन को जो करना हो कर ले। आप बलपूर्वक कब्जा करो, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना सीधे एसडीएम ढीमरखेड़ा को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने तत्काल तहसीलदार ढीमरखेड़ा को निर्देशित किया।
RI और पटवारी ने बनाया पंचनामा, नोटिस जारी
एसडीएम के निर्देश पर प्रभारी आरआई नीरज झारिया और दशरमन हल्का पटवारी रजनीश गुप्ता दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके का पंचनामा बनाया और स्पष्ट किया कि यह भूमि राजस्व की शासकीय भूमि है। यहां किसी भी प्रकार का निजी कब्जा नहीं किया जा सकता। यदि पंचायत को भी कोई निर्माण करना है तो पूरी पंचायती प्रक्रिया से और शासन से अनुमति लेनी पड़ेगी।
प्रशासन द्वारा चारों कब्जाधारियों का पंचनामा बनाकर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का नोटिस जारी किया जा रहा है।
फर्जी तरीके से आवंटन का आरोप
सूत्रों का कहना है कि यह पूरा निर्माण फर्जी तरीके से सचिव विजय दुबे और सरपंच की मिलीभगत से कराया जा रहा था। पैसा लेकर जमीन आवंटित करने के आरोप भी लग रहे हैं, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि सचिव विजय दुबे और सरपंच पति भारत शुक्ल की भूमिका की जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए और 40 लाख की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
सौरभ गर्ग ब्यूरो कटनी







