डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
ट्रक में ठूंसकर भरे मिले 20 भैंस पड़िया और 6 पड़े
शहपुरा। डिंडौरी से जबलपुर की ओर जा रहे मवेशियों से भरे एक आयशर ट्रक को शनिवार तड़के शहपुरा क्षेत्र में पकड़ा गया। वाहन में कुल 26 मवेशी मिले। मामले में पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर वाहन और मवेशियों को जब्त कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का दावा है कि 12 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे उन्हें मवेशियों से भरे वाहन के डिंडौरी से जबलपुर की ओर जाने की सूचना मिली थी। संगठन के जिला सहमंत्री हिमांशु अग्रवाल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कार्यकर्ताओं ने वाहन को रुकवाया। वाहन में तीन लोग सवार बताए गए, जिनमें से दो मौके से फरार हो गए, जबकि चालक को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द किया गया।
ट्रक में ठूंसकर भरे थे 26 मवेशी
पुलिस द्वारा वाहन की जांच किए जाने पर उसमें कुल 26 मवेशी मिले, जिनमें 20 भैंस पड़िया और 6 पड़े बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार पशुओं को रस्सियों से बांधकर वाहन में रखा गया था और परिवहन के दौरान उनके लिए पर्याप्त हवा, पानी एवं चारे की व्यवस्था नहीं थी। प्रथम दृष्टया पुलिस ने इसे पशुओं के साथ क्रूरता और असुरक्षित परिवहन का मामला माना है।
पुलिस पूछताछ में चालक की पहचान मोहम्मद रफीक पिता सब्बीर खान, उम्र करीब 43 वर्ष, निवासी निर्भय नगर, सुभाष वार्ड, आधारताल थाना क्षेत्र, जबलपुर के रूप में हुई है।
पुलिस दस्तावेज में दर्ज जानकारी के मुताबिक चालक ने पूछताछ में बताया कि मवेशियों को ग्राम चांदपुर पड़रिया में नीतीश शुक्ला महाराज के घर के पास से वाहन में लोड कराया गया था। मामले में पशु क्रेता के रूप में राजा बाबू खान निवासी जबलपुर और मजदूर के रूप में रिजवान खान निवासी टमोह का नाम सामने आया है। पुलिस दस्तावेज में दर्ज बयानों के आधार पर मवेशियों को वध के आशय से जबलपुर ले जाने की बात का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि पूरे मामले की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस विवेचना पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगी।

5.10 लाख रुपये की सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सभी 26 मवेशियों को वाहन से उतरवाकर सुरक्षित कराया। पुलिस दस्तावेज के मुताबिक बरामद मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 60 हजार रुपये और आयशर ट्रक की कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल लगभग 5 लाख 10 हजार रुपये की सामग्री जब्त की गई है।
पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत कहनेरा के सुपुर्द किया गया है। साथ ही पशुओं की चिकित्सकीय जांच और आवश्यक उपचार के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु अस्पताल कोहानी डेरी को सूचना दी गई है।
चालक गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस ने चालक मोहम्मद रफीक की पहचान एवं दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद 12 सितंबर की सुबह करीब 8:30 बजे उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी गई। वहीं मामले में सामने आए राजा बाबू खान और रिजवान खान की तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है।
पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ), मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं सहित अन्य प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कहां से आए मवेशी, कहां पहुंचाने थे—जांच में खुलेगी पूरी कड़ी
अब पुलिस जांच का अहम बिंदु यह है कि इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों को कहां से एकत्रित किया गया, उनकी खरीद-बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज थे या नहीं और उन्हें अंतिम रूप से कहां पहुंचाया जाना था। पुलिस इस परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना आगे बढ़ने के बाद पूरे मामले की कड़ियां स्पष्ट होने की संभावना है।
वहीं अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल ने मवेशियों को वध के लिए ले जाए जाने का दावा किया है। इस दावे से जुड़े तथ्यों और परिवहन के वास्तविक उद्देश्य की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर होगी।








