खरगोन। रविवार को वह ऐतिहासिक दिन रहा, जब वर्ष में एक बार भक्त और भगवान का मिलन मंदिर की सीमाओं से निकलकर शहर के मुख्य मार्गों पर हुआ। भादौ दूज के पावन अवसर पर जमींदार मोहल्ला स्थित अधिष्ठाता देव भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव एवं महाबलेश्वर महादेव का भव्य 58वां शिवडोला नगर भ्रमण पर निकला।
सुबह करीब 10:30 बजे से शुरू हुआ यह दिव्य नगर भ्रमण भक्ति, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम बन गया। लगभग 6 किलोमीटर का मार्ग 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं से पटा रहा। चारों ओर “हर-हर महादेव” और “जय सिद्धनाथ” के जयघोष गूंजते रहे। भजन, ढोल-ताशों और नगाड़ों की गूंज से पूरा खरगोन शिवमय नजर आया।
इस वर्ष शिवडोले में 27 पौराणिक झांकियां, 4 अखाड़े, 10 नृत्य दल, 10 ढोल-ताशा दल, 1 नगाड़ा दल एवं 2 भजन मंडलियां शामिल रहीं। दो अश्व सवार युवाओं ने शिवडोले की अगुवाई की।
प्रातः तड़के 4 बजे मंदिर में भगवान का अभिषेक एवं पूजन किया गया तथा सुबह 9 बजे गर्भगृह में आरती हुई। इसके पश्चात भगवान श्री सिद्धनाथ एवं भगवान महाबलेश्वर महादेव को सुसज्जित पालकी में विराजित कर नगर भ्रमण के लिए रवाना किया गया।
भावसार मोहल्ला स्थित धर्मशाला में रुद्राक्ष मित्र मंडल द्वारा 21 नगाड़ों, झांझ, मंजीरों और शंखनाद के साथ भगवान की भव्य अगवानी की गई। पुष्पवर्षा के बीच भगवान को सुसज्जित ट्रैक्टर-ट्रॉली में विराजित किया गया, जहां विधायक बालकृष्ण पाटीदार, कलेक्टर गुरु प्रसाद, एसपी रविन्द्र वर्मा एवं शिवडोला समिति के पदाधिकारियों द्वारा महाआरती की गई।
यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि खरगोन की आस्था, परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता का विराट उत्सव है। वर्ष दर वर्ष शिवडोले का स्वरूप और भव्य होता जा रहा है और लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता भगवान सिद्धनाथ महादेव के प्रति अटूट आस्था को दर्शाती है।
रिपोर्ट:- ब्रजेश यादव जिला क्राइम ब्यूरो खरगोन







