डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
दर्जनों गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले मार्ग की बदहाली, बारिश में पानी भरने से नजर नहीं आती गहराई; समय पर मरम्मत नहीं होने से उठे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
डिंडौरी। जिला मुख्यालय को आसपास के दर्जनों गांवों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सारसताल पुल पर सड़क में बना गड्ढा अब वाहन चालकों के लिए खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब चार महीने पहले सड़क की सतह पर छोटा सा गड्ढा दिखाई दिया था, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं होने से इसका आकार लगातार बढ़ता गया। बारिश के दिनों में इसमें पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वाहन चालकों को गड्ढे से बचने के लिए अचानक दिशा और गति बदलनी पड़ रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
चार महीने में बढ़ती गई समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब चार महीने पहले पुल की सड़क पर गड्ढा काफी छोटा था। उस समय मरम्मत करा दी जाती तो समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता था। लेकिन समय बीतने के साथ वाहनों की लगातार आवाजाही और बारिश के कारण सड़क की सतह और क्षतिग्रस्त होती गई। अब गड्ढे का आकार बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से परेशानी खड़ी हो गई है।
लोगों का सवाल है कि महत्वपूर्ण मार्ग पर सड़क की नियमित निगरानी और रखरखाव के बावजूद महीनों तक गड्ढे की मरम्मत क्यों नहीं हो सकी। समय रहते सुधार नहीं होने से संबंधित विभाग की निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बारिश में गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल
बारिश के दौरान गड्ढे में पानी जमा हो जाने से उसकी वास्तविक गहराई और आकार का अंदाजा वाहन चालकों को नहीं लग पाता। मार्ग से अनजान चालक अचानक गड्ढे की चपेट में आ सकते हैं। रात के समय दृश्यता कम होने पर जोखिम और बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि गड्ढे के कारण कुछ वाहन चालक दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं। हालांकि ऐसी घटनाओं के संबंध में कोई आधिकारिक विभागीय आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसके बावजूद मार्ग की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ग्रामीण किसी गंभीर हादसे की आशंका जता रहे हैं।

दर्जनों गांवों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग
सारसताल पुल आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को डिंडौरी जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहन यहां से गुजरते हैं। नौकरी, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं सहित रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए ग्रामीण इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
ऐसे में पुल पर सड़क की खराब स्थिति महज असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि सुरक्षित आवागमन से जुड़ा मामला बन गई है। अचानक गड्ढे से बचने के प्रयास में वाहन चालक सामने या पीछे से आ रहे वाहनों के करीब पहुंच सकते हैं, जिससे हादसे का जोखिम बढ़ सकता है।
सवाल—क्या बड़े हादसे के बाद होगी मरम्मत?
चार महीने से समस्या बने रहने के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है। उनका कहना है कि जब गड्ढा छोटा था, तभी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और रखरखाव किया जाता तो आज स्थिति इतनी खराब नहीं होती।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल मौके का निरीक्षण कराया जाए। पुल पर बने गड्ढे की स्थायी मरम्मत के साथ सड़क की स्थिति और गुणवत्ता की भी जांच की जाए, ताकि दर्जनों गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।








