रायगढ़
रायगढ़ पुलिस की बेहतरीन कार्यशैली, मुस्तैद विवेचना और अभियोजन पक्ष की दमदार पैरवी के बदौलत नवापाली हत्याकांड के पीड़ित परिवार को आखिरकार इंसाफ मिल गया है। रायगढ़ पुलिस की सतर्कता और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव की लगन व मेहनत रंग लाई, जिसकी बदौलत अदालत में आरोपी के खिलाफ अकाट्य सबूत पेश किए जा सके। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश श्री अश्वनी कुमार चतुर्वेदी के न्यायालय ने आरोपी हरिलाल खड़िया (30 वर्ष) को धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मृतक के परिजनों को 1 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की अनुशंसा भी की है।

यह पूरा मामला जनवरी 2024 का है, जब थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के ग्राम नवापाली में जमीन समतलीकरण के दौरान आरोपी हरिलाल खड़िया ने जमीन विवाद को लेकर विशाल सिंह ठाकुर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ पुलिस ने त्वरित और पेशेवर कार्रवाई की। विवेचना अधिकारी निरीक्षक प्रशांत राव के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने वैज्ञानिक व तथ्यपरक साक्ष्यों को बेहद बारिकी से एकत्र किया।

पुलिस की सटीक दिशा और त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य बरामद कर एफएसएल जांच के लिए भेजे गए। रायगढ़ पुलिस द्वारा तैयार की गई मजबूत केस डायरी और अपर लोक अभियोजक श्री तन्मय बनर्जी की प्रभावी अदालती पैरवी के आगे आरोपी बच न सका। न्यायालय में 20 गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जुर्म साबित हुआ, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिला और पुलिस की इस कार्यप्रणाली की सर्वत्र सराहना हो रही है।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़







