डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
नल-जल योजना, सीसी रोड और भुगतान में अनियमितता के आरोप; कलेक्टर से जिला स्तरीय तकनीकी व वित्तीय जांच की मांग
मेहंदवानी (डिंडौरी)। जनपद पंचायत मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत खजरवारा एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में है। पंचायत के विरुद्ध कलेक्टर डिंडौरी को सौंपे गए शिकायत पत्र में वर्ष 2025 एवं 2026 के दौरान 5वें एवं 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने लगभग 20 लाख रुपये के भुगतान, नल-जल योजना के खर्च, सीसी रोड निर्माण तथा पंचायत के वित्तीय लेन-देन की जिला स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत में शासन के वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुए राशि का आहरण और भुगतान किया गया। आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज संलग्न होने का दावा करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत पत्र के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत पंचायत से विभिन्न कार्यों की जानकारी मांगी गई थी। आरोप है कि निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय पंचायत सचिव ने आवेदक पर ही राशि वसूली की कार्रवाई कर दी, जिसे शिकायतकर्ता ने शासन के निर्देशों की अवहेलना बताया है।
करीब 9.63 लाख रुपये के भुगतान पर सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच एवं पंचों की मिलीभगत से शासन की राशि का नियमों के विपरीत भुगतान किया गया। आवेदन के अनुसार वर्ष 2026 में विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर 9 लाख 63 हजार 160 रुपये का भुगतान किया गया, जिसकी वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।
नल-जल योजना में लगभग 10 लाख रुपये खर्च का दावा
शिकायत के अनुसार 15वें वित्त आयोग की नल-जल योजना के तहत वर्ष 2025 में सामग्री क्रय के नाम पर 4 लाख 93 हजार 890 रुपये तथा वर्ष 2026 में 5 लाख 2 हजार 940 रुपये का भुगतान किया गया। इस प्रकार दो वर्षों में कुल 9 लाख 96 हजार 830 रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि एक ही ग्राम की योजना में इतनी बड़ी राशि का व्यय संदेहास्पद प्रतीत होता है और इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है।
जमा राशि से अधिक भुगतान का भी आरोप
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नल-जल योजना मद में जनपद पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत के खाते में लगभग 4.83 लाख रुपये जमा कराए गए थे, जबकि पंचायत द्वारा 5 लाख 2 हजार 940 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे उपलब्ध राशि से अधिक भुगतान बताते हुए वित्तीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
तीन सीसी रोड निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने पंचायत द्वारा निर्मित तीन सीसी रोड के निर्माण कार्यों पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कार्य स्वीकृत प्राक्कलन एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराए गए तथा निर्माण कार्य पूर्ण हुए बिना ही राशि का भुगतान कर दिया गया। इन कार्यों की पुनः तकनीकी जांच कराने की भी मांग की गई है।
कलेक्टर से जिला स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर डिंडौरी से पूरे मामले की जिला स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच समिति गठित कर सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित सचिव, सरपंच एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
*सचिव का पक्ष नहीं मिल सका
इस संबंध में ग्राम पंचायत खजरवारा के सचिव से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।







