शहडोल: भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लोकायुक्त संगठन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों पर, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह और लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में रीवा लोकायुक्त टीम ने शहडोल जिले के जयसिंहनगर में एक मेडिकल ऑफिसर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है।.
क्या है पूरा मामला?
उमरिया जिले के ग्राम पटनार खुर्द निवासी आवेदक वीरेंद्र सिंह (42 वर्ष) ने 18 मई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनकी पत्नी पार्वती सिंह के संलग्नीकरण (Attachment) आदेश को निरस्त करवाने और रवानगी न देने के एवज में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी (जयसिंहनगर) के मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा (38 वर्ष) द्वारा 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
सत्यापन के दौरान ही ले लिए थे 5 हजार
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया। हैरान करने वाली बात यह रही कि शिकायत के सत्यापन के दौरान ही आरोपी डॉक्टर ने 5,000 रुपये की रिश्वत ले ली थी और बाकी बचे 5,000 रुपये की और मांग कर रहा था।
बस स्टैंड पर बिछाया गया जाल
रिश्वत की दूसरी किस्त (5,000 रुपये) देने के लिए आज दिनांक 03 जुलाई 2026 को जयसिंहनगर बस स्टैंड पर समय तय हुआ। लोकायुक्त एसपी के निर्देशन में गठित टीम ने घेराबंदी की और जैसे ही आरोपी डॉ. महेश चंद्र शर्मा ने शिकायतकर्ता से ₹5,000 की नगद राशि ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
मामला दर्ज, कार्रवाई जारी
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी मेडिकल ऑफिसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
कार्रवाई करने वाली टीम:
इस सफल ट्रैप कार्यवाही को लोकायुक्त कार्यालय रीवा के निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया और निरीक्षक एस. राम मरावी ने अपनी टीम के साथ अंजाम दिया।
लोकायुक्त की जनता से अपील
लोकायुक्त संगठन लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चला रहा है। रीवा लोकायुक्त ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपसे काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं। आप सीधे लोकायुक्त रीवा के मोबाइल हेल्पलाइन नंबर: 98936 07619 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अजय पाल







