*🔶 पहली ही बारिश में बह गई करोड़ों के ओवरब्रिज की गुणवत्ता*
*🔶 ठेकेदार की लापरवाही से सड़क बनी तालाब*
*🔶 जिले के सबसे लंबे नवनिर्मित ओवरब्रिज पर जलभराव, वाहन चालक परेशान*
*🔶 सीएमओ ने एमपीआरडीसी को लिखा पत्र*
*♻️ जुन्नारदेव—–* करोड़ों रुपये की लागत से तैयार जिले का सबसे लंबा नवनिर्मित ओवरब्रिज पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। शनिवार दोपहर हुई बारिश के बाद चर्च मार्ग के समीप ओवरब्रिज पर भारी जलभराव हो गया। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सड़क का सही ढाल (डाउन) नहीं दिए जाने के कारण ओवरब्रिज का एक हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया। इससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने गंभीर लापरवाही बरती। तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिसका परिणाम पहली ही बारिश में सामने आ गया। लोगों का कहना है कि यदि अभी से यह स्थिति है तो भविष्य में बारिश के मौसम में हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।बारिश के दौरान कई वाहन जलभराव के बीच से गुजरने को मजबूर हुए। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नेहा धुर्वे स्वयं मौके पर पहुंचीं। निरीक्षण के बाद उन्होंने एमपीआरडीसी के अधिकारियों को पत्र लिखकर ओवरब्रिज पर जमा हो रहे बारिश के पानी की तत्काल निकासी की व्यवस्था करने और तकनीकी खामियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए हैं।क्षेत्रवासियों का कहना है कि जिस ओवरब्रिज से शहर के यातायात को राहत मिलने की उम्मीद थी, वही पहली बारिश में लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। अब लोगों की नजर एमपीआरडीसी और संबंधित ठेकेदार पर है कि वे इस गंभीर खामी को कब तक दूर करते हैं। जनता की मांग है कि ओवरब्रिज के निर्माण की तकनीकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य पूरा हो सके और आम लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
*✍🏻 रिपोर्ट–पुलिस वाला भगवान दास साहू*
*पत्रकार, जुन्नारदेव*







