**मंडला जिले के बीजाडांडी के सिद्धांत सिटिजन होम वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों को बंधक बनाने का आरोप बिना मर्जी ले गए वृद्ध आश्रम के नाम पर धोखाधड़ी*
आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है यहां संचालित सिद्धांतिक सीनियर सिटिजन होम वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्गों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं बुजुर्गों का कहना है कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ पहला फैसला कर जबरन लाकर रखा गया है और उन्हें उनके परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है आश्रम में रह रहे बुजुर्गों ने आप बीती सुनते हुए बताया कि वे जबलपुर ग्वारीघाट में नहाने या काम की तलाश में गए थे जहां से कुछ लोगों ने उन्हें काम देने पैसे देने और अच्छा पैसे के साथ अच्छी सुविधाओं का प्रलोभन देकर गाड़ी में बिठाया और बी बीजाडांडी ले आए
एक बुजुर्ग ने रोते हुए बताया कि मेरी बीवी बच्चे हैं उन्हें कोई पता भी नहीं है कि मैं यहां हूं मुझे यहां जबरदस्ती लाया गया है और मैं अपने परिवार घर जाना चाहता हूं *बुनियादी सुविधाओं की कमी और पाबंदियां*
आश्रम की एक अन्य निवासी ने बताया कि उन्हें बाहर जाने की बिल्कुल अनुमति नहीं है उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से उन्हें नहाने के लिए साबुन तक नहीं मिला और पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है हालांकि खाना दिया जा रहा है लेकिन उन्हें यहां कैदी की तरह रखा गया है
*जानकारी*
जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस बताया गया कि जब इसकी जानकारी स्थानी प्रशासन को मिली तब अधिकारी हरकत में आए और आनन फानन मैं मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई है वीजा दांडी थाना प्रभारी अनीता कोड़ ने बताया की तहसीलदार और संबंधित अधिकारी इस मामले की बारीकी से जांच कर रहे हैं जांच के दौरान आश्रम में कुल 45 लोग पाए गए हैं जिनमें कुछ बुजुर्ग मानसिक रूप से कमजोर या बीमार भी है उन्होंने बताया कि कई बुजुर्गों के परिजनों को उनके यहां होने की कोई भनक तक नहीं है प्रशासन अब इन बुजुर्गों के पत्ते और उनके परिजनों के नंबर निकाल कर उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रही है जिससे उन्हें सुरक्षित उनके घर भेजा जा सके मामले में आश्रम प्रबंधन की भूमिका की गहन जांच की जा रही है
*नारायणगंज से अमित मिश्रा की रिपोर्ट*






