राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने घंसौर में की योजनाओं की समीक्षा, लापरवाह डॉक्टरों पर सख्ती के संकेत
अधिकारों के हनन पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा, धर्मांतरण रोकने के लिए अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जनपद पंचायत घंसौर में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं मानवाधिकार संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
श्री कानूनगो ने कहा कि किसी भी नागरिक के मानव अधिकारों का हनन होने की स्थिति में वह सीधे राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत कर सकता है, जिस पर आयोग द्वारा तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे डॉक्टरों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की, जो अपनी ड्यूटी छोड़कर अनुपस्थित रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सरकार को पत्र लिखकर ऐसे लापरवाह चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई एवं भारी जुर्माने की व्यवस्था किए जाने की मांग की जाएगी।
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यदि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे तो धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। श्री कानूनगो ने मानवाधिकारों की सुरक्षा, सुशासन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रशासन की प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया।







