*1 साल पुराने अंधे कत्ल का पर्दाफाश: अवैध संबंध के चलते पत्नी ने ही रची थी पति की हत्या की साजिश, 4 गिरफ्तार*
उत्तर बस्तर कांकेर।
पुलिस अधीक्षक (SP) कांकेर श्री निखिल अशोक कुमार राखेचा के कड़े निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखाजूर श्री राकेश कुमार कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) श्री दिनेश कुमार सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (पखांजूर) श्री रवि कुमार कुजूर के करीबी पर्यवेक्षण में कांकेर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस ने करीब एक साल पुराने मुकेश विश्वास हत्याकांड (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया है।
इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान का उपयोग करते हुए मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
अवैध संबंध और तलाक के विवाद में रची गई थी पूरी साजिश
यह पूरा मामला थाना बांदे क्षेत्र का है, जहां 24 मई 2025 को दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। घटनास्थल के निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह विद्युत करंट लगना पाई गई थी। प्रारंभिक जांच में मौके पर कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य न होने के कारण मामला पूरी तरह ‘ब्लाइंड मर्डर’ बना हुआ था।
कांकेर पुलिस द्वारा जिले में लंबित गंभीर अपराधों के त्वरित निराकरण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जब इस मामले की दोबारा गहन जांच शुरू की गई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। साइबर सेल की तकनीकी जांच और विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास का आरोपी इन्द्रजीत दास के साथ लंबे समय से अवैध संबंध था। जब मुकेश को इसकी भनक लगी तो पारिवारिक विवाद लगातार बढ़ने लगा और वह अपनी पत्नी से तलाक लेने की तैयारी कर रहा था। इसी वजह से आरोपियों ने मुकेश को रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई।
अत्यधिक शराब पिलाई, फिर ट्यूबवेल के तार से दिया करंट
पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत आरोपियों ने मुकेश को धोखे से बुलाकर आरोपी रंजीत सरकार के खेत में स्थित लाड़ी (शेड) में ले गए। वहां आरोपियों द्वारा मुकेश को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाकर अचेत (बेहोश) कर दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने ट्यूबवेल मशीन के लिए प्रयुक्त विद्युत तार के माध्यम से करंट प्रवाहित कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद घटना को दुर्घटना अथवा सामान्य मृत्यु का स्वरूप देने का प्रयास किया गया ताकि पुलिस की जांच को भ्रमित किया जा सके।
लगातार तकनीकी निगरानी, वैज्ञानिक विश्लेषण और ‘क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन’ (घटनाक्रम का पुनर्निर्माण) के जरिए पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए पूरी साजिश का पर्दाफाश किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बिजली का तार, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
सरस्वती विश्वास (मृतक की पत्नी) – निवासी शांतिपारा बांदे, जिला उत्तर बस्तर कांकेर।
इन्द्रजीत दास – निवासी चिकलाकसा, थाना दल्लीराजहरा, जिला बालोद।
सुरेन्द्र बछाड़ – निवासी पी. व्ही. – 81 राधानगर, थाना बांदे।
रंजीत सरकार – निवासी पी. व्ही. – 81 राधानगर, थाना बांदे।
(नोट: इस विशेष अभियान के तहत कांकेर पुलिस ने बांदे के इस मामले के अलावा जिला क्षेत्र में तीन अन्य पुराने लंबित ‘ब्लाइंड मर्डर’ यानी थाना नरहरपुर, ताड़ोकी और दुर्गूकोंदल के मामलों का भी सफल खुलासा किया है।)
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देशों को धरातल पर उतारते हुए इस अंधे कत्ल की कड़ियों को जोड़ने और आरोपियों को पकड़ने में थाना प्रभारी और मैदानी टीम की मुख्य भूमिका रही:
विशेष टीम नेतृत्व: थाना प्रभारी बांदे निरीक्षक राम चंद्र साहू और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक यशवंत श्याम।
जांच व मैदानी टीम: निरीक्षक जितेंद्र कुमार साहू, निरीक्षक श्री मनीष नेताम, सउनि (ASI) श्री देवनारायण बंजारे, सउनि श्री बकेश पटेल।
आरक्षक व तकनीकी स्टाफ: प्रधान आरक्षक सूर्य देव कुजाम, प्रधान आरक्षक सचिन सोरी, आरक्षक जितेंद्र नाग, आरक्षक प्रणय यादव, आरक्षक भूपेश नेताम, आरक्षक यशवंत मडावी, आरक्षक रामरतन निषाद, आरक्षक उमेश जुर्री।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़






