डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी जिले के समनापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सरई स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगभग 48 लाख रुपये की लागत से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और घटिया सामग्री उपयोग किए जाने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन निर्माण में गुणवत्ता मानकों को खुलेआम दरकिनार किया जा रहा है। भवन की मजबूती के लिए बनाए जा रहे कॉलमों की नींव मात्र ढाई से तीन फीट गहरी खोदी गई है, जबकि तकनीकी मानकों के अनुसार इससे अधिक गहराई आवश्यक मानी जाती है। इतना ही नहीं, कॉलमों के नीचे डाली जाने वाली चटाई जाली का उपयोग भी केवल कुछ स्थानों पर ही किया गया, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही कथित गड़बड़ियों को लेकर ठेकेदार से सवाल किए, तो आनन-फानन में जेसीबी मशीन लगाकर कॉलमों के आसपास मिट्टी और मुरूम डालकर खामियों को छिपाने की कोशिश की गई। आरोप यह भी है कि निर्माण कार्य में पानी की पर्याप्त तराई तक नहीं की जा रही, जिससे भवन की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि इसी तरह घटिया निर्माण जारी रहा तो भविष्य में यह भवन बच्चों के लिए खतरा बन सकता है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में पारदर्शिता नजर नहीं आ रही और पूरा मामला ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेकर भ्रष्टाचार की इस कथित “नींव” की जांच करेगा, या फिर सरकारी धन से बन रहा यह भवन यूं ही सवालों के साए में खड़ा होता रहेगा।







