डिंडौरी मध्यप्रदेश
शहपुरा। नगर परिषद शहपुरा के सभा कक्ष में सोमवार को आयोजित नव-नियुक्त मनोनीत पार्षदों के स्वागत समारोह के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने नगर में लगाए गए महंगे स्वागत गेटों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। विधायक ने इसे सीधे तौर पर “जनता के पैसे की बर्बादी” बताते हुए नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
विधायक धुर्वे ने कहा कि नगर परिषद द्वारा लगभग 8-8 लाख रुपये की लागत से चार स्वागत गेट, कुल 32 लाख रुपये खर्च कर प्रमुख मार्गों पर लगाए गए हैं, जो पूरी तरह अनावश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “मैंने पहले भी इस कार्य का विरोध किया था, लेकिन नगर परिषद ने मनमाने तरीके से इसे पूरा किया। जब नगर में चारों ओर गंदगी फैली हो, नालियां साफ न हों और लोगों को पीने का पानी तक पर्याप्त न मिल रहा हो, ऐसे में इस तरह के दिखावटी कार्य करना जनता के साथ अन्याय है।”
उन्होंने नगर परिषद के जिम्मेदारों पर तंज कसते हुए कहा कि “कुछ लोग सिर्फ स्वागत गेट पर फोटो लगवाकर खुश हो रहे हैं, जबकि असली विकास कार्य पूरी तरह उपेक्षित हैं।” विधायक ने सभी पार्षदों से अपील की कि वे व्यक्तिगत प्रचार से ऊपर उठकर नगर हित और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दें।
बैठक के दौरान केवल विधायक ही नहीं, बल्कि नगर परिषद के कुछ पार्षदों ने भी वर्तमान कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। पार्षदों ने आरोप लगाया कि परिषद के भीतर कुछ लोगों के कारण माहौल खराब हो रहा है और विकास कार्य सही तरीके से नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगरवासियों में भी परिषद के प्रति नकारात्मक भावना बनती जा रही है, जो भविष्य में राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकती है।
पार्षदों ने पार्टी संगठन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका खामियाजा आगामी समय में भुगतना पड़ सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर परिषद शहपुरा में खर्च और प्राथमिकताओं को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस पर क्या कदम उठाते हैं और क्या नगर की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है या नहीं।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया







