रायपुर | 12 अप्रैल 2026
राजधानी में कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए आज रविवार तड़के रायपुर पुलिस ने ‘सेंट्रल ज़ोन’ में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। पुलिस उपायुक्त (DCP) उमेश प्रसाद गुप्ता एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के सीधे मार्गदर्शन में शहर के सात प्रमुख थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी गई।
सात थानों की संयुक्त घेराबंदी
इस सघन अभियान में कोतवाली, गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, सिविल लाइन, देवेंद्र नगर और तेलीबांधा थाने की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। अभियान के दौरान कुल 132 हिस्ट्रीशीटर, गुंडा और निगरानी बदमाशों को पुलिस ने उनके घरों से उठाया या थाने तलब किया। थानों में इन बदमाशों की विधिवत परेड ली गई और भविष्य में अपराध से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई।

11 वारंटी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने इस दबिश के दौरान लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों पर भी नकेल कसी। कार्यवाही में 08 स्थाई वारंटियों समेत कुल 11 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को वैधानिक कार्यवाही के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
तकनीक का इस्तेमाल और निगरानी
अभियान की खास बात यह रही कि पुलिस ने बदमाशों की पहचान सुनिश्चित करने और उनका डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए उनके फिंगर प्रिंट लिए और नेफीस (NAFIS) सिस्टम में उनकी एंट्री की। इसके अलावा, पुराने चाकूबाजी के आरोपियों की सरप्राइज चेकिंग भी की गई।

कार्यवाही का विश्लेषण
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
28% बदमाश परेड में शामिल हुए।
24% बदमाश पहले से ही जेल में बंद पाए गए।
20% बदमाश अपने पते पर मौजूद नहीं थे, जिनके खिलाफ अब पुलिस विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
शेष बदमाशों का उनके निवास स्थान पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया।
पुलिस उपायुक्त उमेश प्रसाद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के विरुद्ध इस तरह की लक्षित कार्यवाही भविष्य में भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य आम नागरिकों को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करना है।

रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव,
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़







