शहडोल मध्य प्रदेश
शहडोल। दक्षिण शहडोल वनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र धनगवां में कोयला माफियाओं के विरुद्ध वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान माफियाओं द्वारा वनकर्मियों पर हमला कर जब्त वाहन को छुड़ाने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
वन संरक्षक शहडोल वृत्त और वनमण्डलाधिकारी दक्षिण शहडोल,श्रद्धा पन्द्रे के कुशल मार्गदर्शन में 29 मार्च 2026 की शाम मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि धनगवां बीट में माफियाओं द्वारा अवैध कोयला उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शहडोल और गोहपारु वन परिक्षेत्र के स्टाफ को संयुक्त कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया।
फिल्मी अंदाज में पीछा और संघर्ष
जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, तो कोयले से लदा एक बिना नंबर का ट्रैक्टर जब्त किया गया। वन कर्मियों ने ग्राम नवलपुर के पास घेराबंदी कर ट्रैक्टर को रोका। इस दौरान वाहन स्वामी सागर बैगा और रंचू बैगा ने अपने साथियों के साथ मिलकर टीम से ट्रैक्टर छीनने का प्रयास किया।
इसके बाद, जब वन अमला ट्रैक्टर को लेकर नरसरहा डिपो जा रहा था, तब ग्राम धुरवार कोटा के पास 5-6 मोटरसाइकिल सवार माफियाओं ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में ट्रैक्टर चला रहे श्री राम भरोसे धीमर और वन कर्मचारी विवेक यादव घायल हुए हैं। हमले के बावजूद वनकर्मियों ने साहस दिखाते हुए ट्रैक्टर को वहां से निकाला। रास्ते में बघेल ढाबा से जमुई के बीच दोबारा हमले की कोशिश हुई, लेकिन वन अमले की एकजुटता देखकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने अवैध कोयला परिवहन में लिप्त बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है, जिसका इंजन नंबर MRF5HEN1103 और चेसिस नंबर MBNGAAE KUMRFO1067 है। ट्रैक्टर में करीब 2.40 घन मीटर अवैध कोयला लदा पाया गया।
इस मामले में शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट के आरोप में सोहागपुर थाना में प्राथमिकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आरोपी सागर बैगा, रंचू बैगा और संतोष यादव के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 296(बी), 126(II), 121(I), 115(II), 351(III), 3 एवं 5 के तहत अपराध क्रमांक 130/2026 पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई वन विभाग की तत्परता और माफियाओं के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाती है।
अजय पाल







