डिंडौरी मध्यप्रदेश
जनसुनवाई में गूंजा मीसाबंदी का दर्द, भाजपा मंडल अध्यक्ष पर जमीन कब्जे का आरोप, न्याय की गुहार लेकर पहुंचे कलेक्ट्रेट
डिंडोरी। जिले के शहपुरा नगर निवासी वरिष्ठ मीसाबंदी (लोकतंत्र सेनानी) जयनारायण साहू ने कथित प्रताड़ना और जमीन विवाद से परेशान होकर मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। अपनी व्यथा सुनाते समय वे भावुक हो गए और आहत होकर शासन द्वारा मिला ताम्रपत्र भी कलेक्टर के समक्ष वापस करने की बात कही।
- निजी भूमि पर कब्जे का आरोप – जयनारायण साहू ने आवेदन में बताया कि उमरिया रोड स्थित खसरा नंबर 132/2 उनकी निजी भूमि है, जहां भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा कथित रूप से टपरा रखकर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- विरोध करने पर प्रताड़ना का आरोप – साहू का कहना है कि विरोध करने पर गाली-गलौच और दबाव बनाने की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
- सीमांकन न होने से बढ़ा विवाद – उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों की जमीन अलग-अलग दिशा में है, लेकिन सीमांकन नहीं होने के कारण विवाद बढ़ता जा रहा है। कई बार सीमांकन कराने की मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
- सत्ता पक्ष के दबाव में अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप – साहू ने आरोप लगाया कि शहपुरा के संबंधित राजस्व और स्थानीय अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि सत्ता धारी दल भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों के दबाव के चलते अधिकारी कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
- कलेक्टर के सामने भावुक हुए – जनसुनवाई में अपनी पीड़ा बताते समय जयनारायण साहू भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र सेनानी को ही न्याय नहीं मिल रहा, तो आम नागरिक की स्थिति क्या होगी।
- सम्मान लौटाने की जताई पीड़ा – आहत होकर उन्होंने शासन द्वारा मिला ताम्रपत्र कलेक्टर के समक्ष वापस कर दिया और कहा कि जब सम्मान की रक्षा नहीं हो पा रही है तो इस सम्मान का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
- कलेक्टर ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन – कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और ताम्रपत्र ससम्मान वापस सौंपा।
- अनशन की चेतावनी– जयनारायण साहू ने कहा कि यदि 10 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के सामने आमरण अनशन करेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहपुरा सहित जिलेभर में मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं।अब देखना यह होगा की इस मामले मे जिला प्रशासन कार्यवाही करता है या सत्ता पार्टी के दबाव मे मामला ठंडे बस्ते मे चला जाता है।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया







