जिसमें व्यापक अनियमितताएं सामने आई हैं क्षेत्र के किसानों ने प्रमाणित आरोप लगाया कि जो प्लांट प्रबंधन फंड लगभग 3 करोड़ क्षेत्र के मौलिक मूल भूत सुविधाओं के लिए जैसे, पेय जल, स्वास्थ्य, खेती किसानी, वन तथा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए खर्च करना होता है वार्षिक जिसका प्लांट प्रबंधन के पास जवाब नहीं मिला प्लांट प्रबंधन के अधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन जहां आदेश करता है वह राशि खर्च की जाती हैं और गोल मोल जबाव देकर बचते नजर आए 11दिन से आंदोलन कर रहे किसान बंधुओं एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियो ने पुलिस वाला समाचार राष्ट्रीय पत्रिका एवं बुलेटिन घंसौर के रिपोर्ट संदीप को जानकारी देते हुए प्लांट पर क्षेत्र वासियों का शोषण करने के एवं पेशा एक्ट के उलंघन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं जिसमें प्लांट प्रबंधन की राशि का बड़ी मात्रा में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के आसार हैं, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के परिवहन में भी फर्जी वादा और हजारों करोड़ के घोटालों और फर्जी बिल बाबूचरों की रिपोर्ट भी सामने आने की शिकायत मिलने वाली है जहां प्लांट प्रबंधन ने तत्कालीन जनसंपर्क अधिकारी मुकुंद को तलब करने की पुष्टि नहीं की वही सूत्रों का कहना है कि एक विशेष केंद्रीय जांच एजेंसी पवार प्लांट में हुए हजारों करोड़ की जांच की जा रही है पुलिस वाला समाचार से संदीप जयसवाल घंसौर की रिपोर्टWhatsApp Image 2026 10 06 at 16.28.34

Leave A Reply

Exit mobile version