समर्पण, नवाचार और उत्कृष्ट शिक्षण कार्यों की लंबी फेहरिस्त; विभिन्न मंचों पर मिल चुके हैं अनेक सम्मान

 

गरियाबंद  शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए निरंतर समर्पित रहने वाले प्राथमिक शाला खट्टी के सहायक शिक्षक श्री गिरीश शर्मा का वर्ष 2026-27 के शिक्षक सम्मान के लिए चयन हुआ है। श्री शर्मा के चयन से विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं क्षेत्रवासियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

 

श्री शर्मा ने अपने सेवाकाल में शिक्षण के साथ नवाचार, अकादमिक गतिविधियों, ऑनलाइन शिक्षा तथा विद्यार्थियों से जुड़ी विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके कार्यों को समय-समय पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा, संस्कृति विभाग एवं अन्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जाता रहा है।

 

सम्मानों से सजा उपलब्धियों का सफर

 

श्री गिरीश शर्मा को 2019 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत शिक्षा दूत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद 2020 में नियमित ऑनलाइन कक्षा, कोविड काल में उत्कृष्ट शिक्षक के रूप में कार्य तथा *‘पढ़ई तुंहर दुआर*’ योजना में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान मिला।

 

2021 में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’, जबकि 2022 में ‘पढ़ई तुंहर दुआर 2.0’ में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। 2023 में संस्कृति विभाग, अकादमिक कार्य तथा जिला स्तरीय मातृ सम्मेलन में विशेष सहयोग के लिए भी श्री शर्मा को सम्मान प्राप्त हुआ।

 

2024 में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। 2025 में जिला स्तरीय योग दिवस समारोह में सम्मान मिला, वहीं 2026 में राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया। अब 2026-27 के शिक्षक सम्मान के लिए उनका चयन उनकी उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है।

 

टीचर्स एसोसिएशन ने दी बधाई

 

श्री शर्मा के चयन पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन गरियाबंद ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। एसोसिएशन के परमेश्वर निर्मलकर, सहसंयोजक इंदरप्रीत कुकरेजा, प्रदीप पांडे, संतोष पांडे, सुभाष शर्मा, यशवंत बघेल, विनोद सिन्हा, विवेक शर्मा, नरेश साहू, जितेंद्र सोनवानी, हुलस साहू, धोबलेश्वर बेहरा, गोविंद पटेल, नेकराम साहू, सर्वेश शर्मा, गीता शरणागत, दीप्ति मिश्रा, ईश्वरी सिन्हा, प्रतिभा शक्रिया, विनय दीवान, लता ध्रुव, नंदनी यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगणों ने श्री शर्मा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

शिक्षक सम्मान बना समर्पण का सम्मान

 

लगातार विभिन्न वर्षों में मिले सम्मान इस बात के प्रमाण हैं कि श्री गिरीश शर्मा ने बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप नवाचार को अपनाते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका शिक्षक सम्मान के लिए चयन न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और प्रतिबद्धता की पहचान है, बल्कि प्राथमिक शाला खट्टी और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।

 

एक शिक्षक की सफलता तब सार्थक होती है, जब उसके प्रयासों से विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान मिले—श्री गिरीश शर्मा की उपलब्धियों का सफर इसी भावना को चरितार्थ करता है।

 

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

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