जहां एक सरकारी अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को एक दिन में बदलने की कोशिश ने सबको चौंका दिया है।

कटनी जिले के रीठी अस्पताल में नए BMO ने आते ही ऐसा एक्शन लिया है,
जिसे लोग “सर्जिकल स्ट्राइक” कह रहे हैं।

ये तस्वीरें हैं रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की…
जहां कभी गंदगी, बंद शौचालय और अव्यवस्थाओं का अंबार था।

हाल ही में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर के निर्देश पर
डॉ. आशित निगम को
रीठी अस्पताल का नया खंड चिकित्सा अधिकारी बनाया गया।

जैसे ही डॉ. निगम ने प्रभार संभाला—
अस्पताल की हकीकत देखकर वे खुद हैरान रह गए।

अस्पताल की सच्चाई:

परिसर में फैली गंदगी
मरीजों के बेड पर अव्यवस्था
शौचालय पर ताला
पीने के पानी की कमी
NRC में कुपोषित बच्चों को मिलावटी दूध
बंद पड़े CCTV कैमरे
बिना रेडियोग्राफर के चल रहा एक्स-रे

तुरंत एक्शन (सर्जिकल स्ट्राइक):

डॉ. निगम ने आते ही मोर्चा संभाला—

बंद शौचालय तुरंत खुलवाया
मरीजों को बेडशीट उपलब्ध कराई
कुपोषित बच्चों को मिलावटी दूध देने वाले को हटाया
पेयजल व्यवस्था सुधारने प्लंबर बुलाया
रेडियोग्राफर के बिना एक्स-रे पर रोक लगाई
कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने की सख्त हिदायत

स्थानीय लोगों में अब चर्चा है—
“जो काम सालों में नहीं हुआ, वो एक दिन में हो गया!”

लोगों को उम्मीद है कि अब अस्पताल की तस्वीर बदलेगी।

BMO का बयान:

डॉ. आशित निगम:
“अस्पताल में जो भी कमियां हैं, उन्हें सुधारने में थोड़ा समय लगेगा।
लेकिन मेरी कोशिश है कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।”

प्रशासनिक बदलाव:

पूर्व BMO डॉ. मृघेन्द्र श्रीवास्तव को
अब केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित किया गया है।

रीठी अस्पताल में ये बदलाव एक नई शुरुआत का संकेत है—
लेकिन असली परीक्षा होगी, इन सुधारों को लगातार बनाए रखना।

“जब जिम्मेदारी जागती है, तब सिस्टम बदलता है!”

पुलिसवाला वेब न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट

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