रायपुर। राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होते ही शहर की फिजा बदलने लगी है। विशेषकर रेलवे स्टेशन से गंज थाना और तेलघानी नाका जैसे ‘हॉटस्पॉट’ क्षेत्रों में, जो कभी घंटों लगने वाले भारी जाम और असमाजिक तत्वों के जमावड़े के लिए कुख्यात थे, वहां अब व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद नजर आ रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी सुधार
कमिश्नरी सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन से पुलिस अब ‘फुल फॉर्म’ में है। जिस 200 मीटर की दूरी को तय करने में पहले लोगों को आधे घंटे तक जूझना पड़ता था, वही रास्ता अब महज 2 से 5 मिनट में सुगमता से पार हो रहा है। सड़क किनारे लगने वाले अवैध ठेलों और अतिक्रमण पर सख्ती ने यातायात को नई रफ्तार दी है।
अपराधियों में खौफ, आम जन में सुरक्षा का भाव
शराब दुकानों के आसपास लगने वाले नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के हुजूम पर पुलिसिया चाबुक का गहरा असर हुआ है। गंज थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा लगातार की जा रही पेट्रोलिंग ने अपराधियों के मन में डर पैदा कर दिया है। स्टेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अब अनैतिक जमवाड़ा पूरी तरह समाप्त हो गया है, जिससे यात्री स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस बल का सराहनीय कर्तव्य पथ
रायपुर पुलिस की इस सक्रियता और अनुशासन की जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वर्दी का खौफ अब अपराधियों में दिख रहा है और उसका सम्मान आम नागरिकों की नजरों में बढ़ा है। गंज थाना स्टाफ और उनके अधिकारियों की मुस्तैदी यह साबित करती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो अव्यवस्था को व्यवस्था में बदलते देर नहीं लगती।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़









