गरियाबंद, 01 फरवरी 2025/ माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार 01 फरवरी को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक नगरी राजिम में स्थित त्रिवेणी संगम पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। पैरी, सोढूर और महानदी के पवित्र संगम में तड़के सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर माघी स्नान का लाभ प्राप्त किया। इसी के साथ ऐतिहासिक राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ।
नदी तट पर आस्था के दीप
प्रदेश के कोने-कोने सहित अंचलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सूर्याेदय पूर्व संगम में डुबकी लगाकर स्वयं को धन्य किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा पर प्रातः काल किया गया पुन्नी स्नान विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
इस वर्ष राजिम कुंभ कल्प मेले का स्वरूप विशेष रूप से आकर्षक है। मेले की थीम बारह ज्योतिर्लिंग एवं पंचकोशी धाम पर आधारित रखी गई है, जो श्रद्धालुओं को भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का भव्य अनुभव कराएगी। मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम एवं आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। देशभर से साधु-संत, कथा वाचक और श्रद्धालु इस कुंभ कल्प में शामिल होंगे।
15 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा समापन
आज 01 फरवरी प्रारंभ हुए 15 दिवसीय राजिम कुंभ कल्प मेला का समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होगा। मेले के दौरान 10 फरवरी से 15 फरवरी तक संत समागम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे संत-महात्मा श्रद्धालुओं को अपने आशीर्वचन प्रदान करेंगे। कुंभ मेले में माघ पूर्णिमा के अलावा 09 फरवरी को जानकी जयंती तथा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष पर्व स्नान का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक व्यवस्था
मेला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, ठहरने एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही सुरक्षा, यातायात नियंत्रण एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद
