वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने आज भिलाई स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों की एक वृहद क्राइम मीटिंग ली, जिसमें अपराध नियंत्रण और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर कड़ा रुख अपनाया गया। बैठक में एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2024 से पहले के सभी लंबित अपराधों, चालानों और मर्ग शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जुआ, सट्टा और अवैध नशे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही करने के साथ-साथ स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित करने के आदेश दिए। आगामी ईद और नवरात्रि पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए शांति समितियों के पुनर्गठन और थानों में जन-सुनवाई को अनिवार्य बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया ताकि आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मणिशंकर चन्द्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (आईसीयूडब्लू) ममता देवांगन, नगर पुलिस अधीक्षक (दुर्ग) हर्षित मेहर, नगर पुलिस अधीक्षक (भिलाई) सत्यप्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक (छावनी) प्रशांत पैकरा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (धमधा) डॉ. चित्रा वर्मा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (पाटन) अनुप लकड़ा, डीएसपी (हेडक्वार्टर) श्रीमती तनुप्रिया ठाकुर, डीएसपी (लाइन) सीपी तिवारी के साथ-साथ डीएसपी भारती, डीएसपी तिग्गा और जिले के सभी थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान आधुनिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने हेतु NAFIS, ई-चालान और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर चर्चा की गई, साथ ही थानों में कार्यों की गोपनीयता और विवेचना की गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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