रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन के पार्सल ऑफिस में राधा स्वामी कार्गो और रिजवान कार्गो से जुड़े कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। राधा स्वामी कार्गो के कर्मचारी कीर्तन वैष्णव के साथ मारपीट के मामले में जीआरपी रायपुर ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कीर्तन वैष्णव से मारपीट का आरोप।
राधा स्वामी कार्गो पक्ष के मुताबिक, पार्सल ऑफिस में ग्राहकों को अपने-अपने कार्यालय की ओर बुलाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान रिजवान कार्गो से जुड़े कर्मचारियों ने कीर्तन वैष्णव के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि राधा स्वामी कार्गो के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और इशारे किए जाते हैं।
घटना के बाद कीर्तन वैष्णव जीआरपी थाना रायपुर पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद उन्हें मुलाहिजा के लिए भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहली बार नहीं, बार-बार विवाद का आरोप।
राधा स्वामी कार्गो पक्ष का आरोप है कि इस तरह का विवाद पहली बार नहीं हुआ है। पक्ष के मुताबिक, रिजवान कार्गो से जुड़े कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों को अपने पास बुलाने, अभद्र इशारे करने और विवाद की स्थिति पैदा करने को लेकर पहले भी कई बार तनातनी होती रही है। इस बार मामला मारपीट और एफआईआर तक पहुंच गया है।
राधा स्वामी पक्ष का कहना है कि पार्सल ऑफिस जैसे रेलवे के महत्वपूर्ण परिसर में इस तरह की घटनाओं से न केवल कर्मचारियों के बीच तनाव पैदा होता है, बल्कि यहां आने वाले यात्रियों और ग्राहकों के बीच भी गलत संदेश जाता है।
लीज और पैकेजिंग के काम को लेकर भी विवाद।
राधा स्वामी कार्गो पक्ष के अनुसार, राधा स्वामी लीज होल्डर है, जबकि रिजवान कार्गो पैकेजिंग होल्डर के रूप में काम करता है। पक्ष का आरोप है कि पार्सल लेकर आने वाले ग्राहकों को अपने-अपने कार्यालय की ओर बुलाने को लेकर दोनों पक्षों के कर्मचारियों में विवाद होता रहा है।
अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस इस पूरे विवाद की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ तथा मारपीट में किसकी भूमिका रही।
रेल मंत्री के प्रस्तावित दौरे के बीच बढ़ी चर्चा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रस्तावित रायपुर दौरे को लेकर रेलवे स्टेशन पर तैयारियां जोरों पर हैं। ऐसे समय में पार्सल ऑफिस में एजेंटों के बीच विवाद और एफआईआर का मामला सामने आने से रेलवे की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यदि रेल मंत्री अथवा रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी पार्सल ऑफिस का निरीक्षण करते हैं तो वहां काम कर रहे निजी एजेंटों, उनके कर्मचारियों और परिसर में संचालित गतिविधियों पर भी नजर जाना स्वाभाविक है।
अब पुलिस जांच पर टिकी नजर।
फिलहाल जीआरपी ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच जारी है। राधा स्वामी कार्गो पक्ष ने रिजवान कार्गो से जुड़े कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों से स्पष्ट होगा कि मारपीट की घटना में कौन-कौन शामिल था और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।
मामले में आगे की कार्रवाई जीआरपी की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़
