आरोपियो द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच पन्ना से अपने खाते से नगदी निकालकर सेन्ट्रल बैंक जा रहे फरियादी की मोटरसाइकिल की डिग्गी से ₹2,24,000/- नगदी चोरी की घटना को दिया गया था अन्जाम।
आरोपियों द्वारा पन्ना जिले मे कोतवाली एवं पवई थाना क्षेत्र मे हुई बैग लिफ्टिंग घटना सहित रीवा सीधी दमोह मे हुई बैग चोरी की घटनाओं का किया गया खुलासा।
आरोपियो के कब्जे से 30 हजार रुपये नगदी एंव घटना मे प्रयुक्त 02 मोटर सायकिल की गई जप्त।
दिनांक : 30 जुलाई 2026
स्थान : पन्ना, मध्यप्रदेश
पुलिस अधीक्षक पन्ना श्रीमती निवेदिता नायडू के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना सुश्री वन्दना सिंह चौहान तथा एस.डी.ओ.पी. पन्ना एस.पी. सिंह बघेल के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल पन्ना की संयुक्त टीम ने बैंक से बड़ी राशि निकालने वाले लोगों की रैकी कर उनका पीछा करते हुए नगदी चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह के दो शातिर एवं कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आरोपियों को साइबर सेल की तकनीकी सहायता, सीसीटीवी फुटेज के सूक्ष्म विश्लेषण, मुखबिर तंत्र एवं लगातार की गई पतारसी के आधार पर व्योहारी जिला शहडोल से गिरफ्तार किया गया।
घटना का विवरण- दिनांक 19 मई 2026 को फरियादी रामसिपाही पटेल निवासी मोहनपुरवा द्वारा थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मेन ब्रांच पन्ना से अपने खाते से ₹2,24,000/- नगद निकाले थे। उक्त राशि को रूमाल में लपेटकर अपनी मोटरसाइकिल की डिग्गी में रखकर लॉक किया तथा सेंट्रल बैंक के सामने कटरा मोहल्ला स्थित दुकान के बाहर वाहन खड़ा कर बैंक संबंधी कार्य हेतु अंदर चले गए। कुछ समय पश्चात वापस लौटने पर मोटरसाइकिल की डिग्गी खुली मिली तथा उसमें रखी नगदी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी की जा चुकी थी।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली पन्ना में धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
विशेष टीम का गठन एवं तकनीकी विवेचना
घटना की गंभीरता एवं वारदात के पेशेवर तरीके को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा तत्काल विशेष टीम का गठन किया गया। विवेचना के दौरान थाना कोतवाली पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने घटना स्थल एवं उसके आसपास के क्षेत्र का बार-बार निरीक्षण किया तथा बैंक, दुकानों, मुख्य मार्गों एवं विभिन्न प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों का सूक्ष्म परीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा 500 से अधिक फोटो एवं वीडियो फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया। संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की पहचान कर उनके फोटो एवं वीडियो आसपास के जिलों सहित विभिन्न पुलिस इकाइयों के साथ साझा किए गए। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल इनपुट, संदिग्धों की गतिविधियों, पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड एवं मुखबिर तंत्र के माध्यम से लगातार जानकारी एकत्रित की जाती रही।
लगातार कई दिनों तक की गई मेहनत, तकनीकी विश्लेषण, फील्ड वर्क एवं मुखबिर से प्राप्त सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने व्योहारी जिला शहडोल में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तार आरोपी-
1. जित्तू सिंह कंजर उर्फ जीतेन्द्र, पिता जगदीश सिंह कंजर, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम चुवाही थाना मझौली जिला सीधी (म.प्र.), हाल निवासी कुरियान टोला, थाना व्योहारी जिला शहडोल।
2. लिदहा उर्फ अरुण सिंह कंजर, पिता मानसिंह कंजर, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम चुवाही थाना मझौली जिला सीधी (म.प्र.), हाल निवासी वार्ड क्रमांक-03, वनसुकली चौराहा, थाना व्योहारी जिला शहडोल।
पूछताछ में हुए महत्वपूर्ण खुलासे-
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे 02 अन्य साथियों के साथ मिलकर बैंक परिसर एवं आसपास रैकी कर ऐसे लोगों को चिन्हित करते थे जो बैंक से बड़ी राशि निकालकर बाहर निकलते थे। इसके बाद उनका पीछा करते हुए मौका मिलने पर वाहन की डिग्गी अथवा फरियादी के आसपास से नगदी से भरा बैग चोरी कर फरार हो जाते थे। आरोपियों ने पन्ना जिले में पवई के अपराध क्रमांक 266/25, अप. क्रमांक 531/26 थाना कोतवाली पन्ना के अतिरिक्त दमोह जिले मे अप. क्रमांक 211/25 थाना हटा एवं रीवा जिले में अप. क्रमांक 113/26, 121/26 थाना वैकुण्ठपुर में भी इसी प्रकार की वारदातें करना स्वीकार किया है। मामले मे 02 अन्य आरोपी फरार है जिनकी तलाश जारी है। उनके आपराधिक रिकॉर्ड एवं अन्य लंबित मामलों की जानकारी संबंधित जिलों से प्राप्त की जा रही है।
जप्त सामग्री- आरोपियो के कब्जे से पुलिस टीम द्वारा 30 हजार रुपये नगदी एवं घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाकिल क्रमांक MP53ML7360 एवं ग्लैमर
मोटर क्रमांक MP18 ZJ 0684 कुल कीमती करीबन 02 लाख रुपये की जप्त की गई है।
सराहनीय योगदान- उक्त संपूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी कोतवाली निरी. रोहित मिश्रा, प्र.आर. मनीष कश्यप, जीतेन्द्र मिश्रा, आर. अभिषेक यादव, निश्चल सिंह, रामगोपाल शुक्ला एवं सायबर सेल टीम का सराहनीय योगदान रहा ।
( पन्ना से अमन कुमार की रिपोर्ट )
