शहडोल -नगरपालिका परिषद शहडोल में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण न होने पर भारतीय सफाई मजदूर संघ (म.प्र.) ने उग्र आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ ने मुख्य नगरपालिका अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को एक अंतिम चेतावनी पत्र सौंपते हुए कहा है कि यदि 3 दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो कर्मचारी काम बंद हड़ताल और धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।
क्या हैं मुख्य मांगें और पूरा मामला?
भारतीय सफाई मजदूर संघ द्वारा सौंपे गए पत्र के अनुसार, शहडोल नगरपालिका के अंतर्गत कार्यरत सफाई कामगार लंबे समय से प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। पत्र में निम्नलिखित मुख्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है:
52 सफाई कर्मचारियों का वेतन अटका: पिछले 3 महीनों से समस्त 52 सफाई कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। इससे पहले भी 15 जून 2026 को पत्र (पत्र क्र. 0-11) के माध्यम से अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
23 कर्मचारियों को काम से हटाने का विरोध: दिनांक 20 मई 2026 से 23 सफाई कर्मचारियों को जबरन “काम पर बैठा दिया गया” (काम से अलग कर दिया गया) है। संघ ने इन सभी 23 कर्मचारियों को तत्काल काम पर वापस लेने की मांग की है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति और वेतन विसंगति:
कई कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति (मशीन) बंद होने के बावजूद उनसे लगातार काम लिया गया, लेकिन बाद में उनका वेतन रोक दिया गया।
एरियर का भुगतान: साप्ताहिक अतिरिक्त कार्य करने वाले एवं आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान तुरंत किया जाए।
प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम
संघ के पदाधिकारी वाल्मीक कुंडे (प्रार्थी) द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई है कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि आगामी 3 दिवस के भीतर उचित और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर ‘काम बंद आंदोलन’ और ‘धरना प्रदर्शन’ शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी।
उच्च अधिकारियों और आयोगों को भेजी गई प्रतिलिपि
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि (रिमाइंडर) केंद्रीय आयोग (नई दिल्ली) की श्रीमती सुमित्रा वाल्मीक जी के कार्यालय, राज्य आयोग मंत्रालय (भोपाल), नगरीय प्रशासन आयुक्त, जिला कलेक्टर शहडोल, संभागीय आयुक्त, जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी), और स्थानीय थाना प्रभारी/सीधी कोतवाली सहित कुल 20 उच्च अधिकारियों एवं संघ के शीर्ष पदाधिकारियों को सूचनार्थ भेजी गई है।
अजय पाल
