डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

डिंडौरी। जिले के डिंडौरी मुख्यालय से लगे देवरा गांव में पेयजल संकट को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। भीषण गर्मी और लगातार बनी पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर डिंडौरी-शहडोल मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से संचालित नल-जल योजना पिछले चार वर्षों से अधूरी और अव्यवस्थित स्थिति में पड़ी है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में दो से तीन दिन में एक बार पानी मिल रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पीएचई विभाग और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण महिला शकुंतला बाई सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि जल समस्या को लेकर जब ठेकेदार सुरेंद्र ओझा से चर्चा की गई तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना गांव में केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि ग्रामीणों को सड़क पर उतरकर पानी मांगना पड़ रहा है, तो यह योजना की जमीनी हकीकत और विभागीय निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं।

मामले की जानकारी मिलने पर प्रदेश की पीएचई मंत्री संपतिया उइके देवरा गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही गांव का निरीक्षण कर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने और जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए।

मंत्री ने क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बनाया जाएगा। वहीं ठेकेदार सुरेंद्र ओझा ने अपने ऊपर लगे अभद्रता के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि लो वोल्टेज के कारण पानी की टंकी पूरी तरह नहीं भर पा रही है, जिससे सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध पानी की ही आपूर्ति की जा रही है और किसी के साथ अभद्रता नहीं की गई।

इधर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। फिलहाल मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में जरूर आया है, लेकिन देवरा गांव के लोगों को अब भी स्थायी पेयजल व्यवस्था का इंतजार है।

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